रत्नों का क्या है महत्व, जाने लेख में विस्तार से

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रत्न कई तरह के होते है। हर रत्न का अपना अलग-अलग महत्व होता है। रत्नों के बारे में ज्योतिषियों का कहना है। रत्नों को विशेषज्ञों की सलाह पर ही पहनना चाहिए।

बिना विशेषज्ञों की सलाह के रत्न पहनना घातक सिद्ध हो सकता है। विशेषज्ञ कहते है। रत्नों को राशि के मुताबिक ही पहनना चाहिए। हर रत्न की एक समय सीमा होती है।

समय सीमा खत्म होने के बाद रत्न का महत्व खत्म हो जाता है। बिना महत्व के रत्न पहनने का कोई फायदा नहीं होता। इस लेख के माध्यम से हम रत्नों के विषय में विस्तार से बताएंगे।

रत्नों के विषय में जाने

माणिक

इस रत्न के बारे में कहा गया है। यह रत्न अंगूठी में जड़वाने से लेकर चार साल तक प्रभावशाली रहता है।

पन्ना

पन्ना रत्न के बारे में ज्योतिषियों का मनना है। अंगूठी में जड़वाने के दिन से तीन साल तक प्रभावशाली रहता है।

इसके बाद इसका महत्व खत्म हो जाता है।

हीरा

हीरा बहुत महंगा होता है। अंगूठी में जड़वाने के सात साल तक प्रभावशाली रहता है।

नीलम

अंगूठी में पहनने के पांच साल तक प्रभावशाली रहता है।

पुखराज

इसकी समयसीमा चार साल की होती है। चार साल के बाद इसका प्रभाव खत्म हो जाता है।

गोमेद

गोमेद पहनने के तीन साल तक प्रभावशाली रहता है।

लहसुनिया

इसे पहनने के दिन से तीन साल तक ही प्रभावशाली रहता है।

राशि के मुताबिक पहने रत्न

रत्न पहनते समय राशि का खास ध्यान रखना चाहिए। राशि के अनुसार रत्न पहनना ही अच्छा माना जाता है।

इन सबके अलावा लहसुनियां हीरा, मूंगा, नीलम, माणिक

इन सभी को कभी भी एक साथ नहीं पहनना चाहिए। इन रत्नों को एक साथ तभी पहन सकते है।

जब ग्रहों की अवस्था हो, दशा-अंतर्दशा चल रही हो। ये रत्न तभी आपके लिए फलदायी होते है।

सावधानी अवश्य रखे

कभी भी जब ज्योतिष आपको आपके राशि के मुताबिक रत्न पहनने को कहे। तब रत्न खरीदते समय सावधानी रखे।

उस रत्न के ओरिजनल है या नहीं जरूर परख ले।

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