रुद्राक्ष का क्या है महत्व, जाने विस्तार से इसके लाभ के बारे में

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हमारे धार्मिक ग्रंथों में रुद्राक्ष के महत्व की खूब चर्चा की गई है। हर तरह को रुद्राक्ष किसी न किसी रूप में लाभकारी बताया गया है।

हर रुद्राक्ष के एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक कुछ धारियां खिंची होती है। इन्हें मुख कहा जाता है। रुद्राक्ष का क्या महत्व है।

इसके क्यो धारण करते है इस लेख के माध्यम से विस्तार से बताएंगे।

1 से 21 मुख वाले होते है रुद्राक्ष

रुद्राक्ष के कई 14 प्रकार बताए गए है। सभी रुद्राक्ष किसी न किसी तरह से लाभकारी व उपयोगी माने गए है।

एक मुखी रुद्राक्ष, दो मुखी रुद्राक्ष, तीन मुखी रुद्राक्ष, चतुर्मुखी रुद्राक्ष, पंचमुखी रुद्राक्ष, छह मुखी रुद्राक्ष, सात मुखी रुद्राक्ष, आठ मुखी रुद्राक्ष, नौ मुखी रुद्राक्ष, दसमुखी रुद्राक्ष, ग्यारह मुखी रुद्राक्ष, बारह मुखी रुद्राक्ष, तेरह मुखी रुद्राक्ष, चैदह मुखी रुद्राक्ष।

क्या है रुद्राक्ष

रुद्राक्ष इलाओकार्पस गैनिट्रस पेड़ का बीज है। यह एक आध्यात्मिक साधक के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक खास तरह का पेड़ का बीज है। ये पेड़ आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में एक खास ऊंचाई पर खासकर हिमालय में पाए जाते है।

प्रत्येक का महत्व

एकमुखी रुद्राक्ष

एकमुखी रुद्राक्ष दुर्लभ माना जाता है। इसे साक्षात शिव बताया गया है। मान्यता के मुताबिक इसे धारण करने से व्यक्ति को यश की प्राप्ति होती है।

दो मुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष को देवी और देवता दोनों का स्वरूप बताया गया है। इसे धारण करने से कई तरह के पाप दूर होते है।

तीन मुखी रुद्राक्ष

तीन मुखी रुद्राक्ष को अनल के समान बताया गया है।

चतुर्मुखी रुद्राक्ष

चार मुखी रुद्राक्ष को ब्रम्हा का रूप बताया गया है। इसे धारण करने से ब्रम्ह हत्या का पाप नष्ट हो जाता है।

पंचमुखी रुद्राक्ष

पंचमुखी रुद्राक्ष को स्वयं रुद्र कालाग्नि के समान बताया गया है। इसे धारण करने से शांत व संतोष की प्राप्ति होती है।

छह मुखी रुद्राक्ष

छह मुखी रुद्राक्ष को कार्तिकेय का रूप कहा गया है। इसे दाहिने हाथ में पहनना चाहिए।

सात मुखी रुद्राक्ष

सात मुखी रुद्राक्ष को अनंग बताया गया है। इसे धारण करने से सोने की चोरी आदि के पाप दूर हो जाते है।

आठ मुखी रुद्राक्ष

अष्टमुखी रुद्राक्ष को गणेशजी का स्वरूप कहा गया है। इसे धारण करने से पाप और अन्य तरह के क्लेश दूर होते है।

नौ मुखी रुद्राक्ष

नौ मुखी रुद्राक्ष को भैरव कहा गया है। इसे बाईं भुजा में पहनना चाहिए। इसे धारण करने वाले को भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

दसमुखी रुद्राक्ष

दसमुखी रुद्राक्ष को जनार्दन या विष्णु का स्वरूप बताया गया है। इसे धारण करने से मनुष्य के सभी ग्रह शांत रहते हे। उसे किसी तरह का भय नहीं सताता है।

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को साक्षात रुद्र कहा गया है। जो इसे शिखा में धारण करता है। उसे कई हजार यज्ञ कराने का फल मिलता है।

बारह मुखी रुद्राक्ष

बारह मुखी रुद्राक्ष कान में धारण करना शुभ बताया गया है। इसे धारण करने से धन-धान्य और सुख की प्राप्ति होती है।

13 मुखी रुद्राक्ष

13 मुखी रुद्राक्ष के बारे में कहा गया है। अगर यह मिल जाए तो सारी मनोकमानएं पूरी कराने वाला होता है।

14 मुखी रुद्राक्ष

14 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मनुष्य शिव के समान पवित्र हो जाता है। इसे सिर पर धारण करना चाहिए।

धारण करने के साथ-साथ जप के कार्यों में भी रुद्राक्ष का प्रयोग होता है। जप करने में 108 दानों की माला उपयोगी मानी गई है।

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