स्वस्थ संवाद, स्वस्थ रिश्ते पर प्रशिक्षण दिया स्मार्ट गर्ल्स वर्चुअल वर्कशॉप में

बिलासपुर भारतीय जैन संघठना द्वारा किशोर युवतियों के लिए संचालित सबसे जाने माने कार्यक्रम स्मार्ट गर्ल वर्कशाॅप का आयोजन भारतीय जैन संघठना बिलासपुर द्वारा वर्चुअल रूप में किया जा रहा है। इस वर्कशाॅप में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के कई प्रदेशों की बच्चियां हिस्सा ले रही हैं। 14 से 26 आयु वर्ग की लड़कियों के लिए वर्चुअल रूप से 24 से 30 मई तक चलने वाले स्मार्ट गर्ल वर्कशाॅप के तीसरे दिन प्रशिक्षक लहर लुंकड़, विकास गोयल एवं हर्षिता धनवानी ने संवाद, संपर्क, संबंध एवं रिश्ते विषय पर लड़कियों को प्रशिक्षित किया।

स्मार्ट गर्ल्स वर्कशॉप के आज तीसरे दिन की आमंत्रित अतिथि छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध गायिका, छत्तीसगढ़ कोकिला और महिला शक्ति सम्मान से सम्मानित अनुपमा मिश्रा कमाविसदार ने अपने उद्बोधन में लड़कियों से कहा कि किसी भी रिलेशनशिप को बनाना आसान है लेकिन ज्यादा महत्वपूर्ण है, उसको बनाए रखना और उस रिश्ते को बनाए रखने के लिए जरूरी है उस रिश्ते में संवाद होना चाहिए। अगर हम संवाद कायम नहीं रखेंगे तो ऐसे रिश्ते ज्यादा दिन नहीं चलेंगे और आज के समय में ज्यादातर रिश्ते इसी कारण से खत्म हो रहे हैं क्योंकि आजकल लोग अपने व्यस्त समय में से दूसरे से बातचीत का समय नहीं निकाल पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आप जैसा बनना चाहते हैं तो आप अपना संपर्क वैसे ही लोगों से रखें। हमेशा अच्छी किताबें पढ़ें, अच्छी संगति रखें और किसी एक को अपना प्रशिक्षक अवश्य बनायें और अपने संबंधों में आदर भाव जरूर जोड़ें।

वर्कशॉप में आज लड़कियों को प्रशिक्षण के माध्यम से अपने भाव को व्यक्त करने के लिए कहा गया। जिसमें चिड़चिड़ाना, किसी को पसंद करना, दिलचस्पी खोना, गहरा आघात लगना, देखभाल करना, दुख लगना, बहुत ज्यादा उत्सुक होना, किसी को पसंद नहीं करना, हमेशा गुस्सा करना इन सब विषयों पर विस्तार से सभी को समझाया गया। संवाद के बारे में बताते हुए प्रशिक्षक ने बताया कि लिशन और साईलेंट दोनों शब्द एक जैसे अक्षरों से बने हैं, यह ये भी बताते हैं कि जब तक किसी बात को शांत होकर नहीं सुनेंगे, तब तक ये संवाद अच्छा संवाद नहीं हो सकता। इस दौरान संवाद प्रस्तुति के विभिन्न तरीकों के बारे में उदाहरण के साथ समझाया। इसके अंतर्गत बोलकर, लिखकर, एक्शन द्वारा, विचार, दृष्टिकोण या मत द्वारा, सूचना के माध्यम से, कल्पना के माध्यम से और मनोभाव के माध्यम से जैसे तरीकों को समझाया।

संवाद के शाब्दिक, अशाब्दिक और मौखिक प्रकारों को प्रतिभागियों से एक्टिविटी के माध्यम से बहुत ही सरल तरीके से समझाया। खड़े होने और बैठने के तरीके, चेहरे के भावों, संकेत, मौन और आंखों के इशारों से अभिव्यक्त होने वाले संवाद और उनके अभिप्रायों के बारे में विस्तृत रूप से बताया। साथ ही उन्होंने एक एक्टिविटी के जरिए समझाया कि कैसे हम जान सकते हैं कि हमारे सामने वाला व्यक्ति चिड़चिड़ा रहा है या हमारी बातों को पसंद कर रहा है या नहीं उसमे दिलचस्पी ले रहा है या नहीं और ऐसे समय में हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। सुनने और समझने में अंतर बताते हुए कई उदाहरणों से प्रतिभागियों से जाना कि आपके दैनिक जीवन में घटित होने वाली रोजमर्रा की बातें किस इनमें से किस वर्ग में आयेंगी।

वर्कशाॅप के दौरान कई गतिविधियों के माध्यम से यह जानने की कोशिश की जाती है कि लड़कियां इन बातों को कितना समझ रही हैं ताकि इस कार्यक्रम की सार्थकता पूरी हो। आज के वर्कशाॅप का सार निकला कि हर जीव के प्रति दोस्ताना रवैया अपनाना चाहिए, दूसरों और स्वयं के प्रति करूणा भाव होना चाहिए। दूसरों की खुशी में स्वयं खुशी महसूस करनाए दूसरों द्वारा हमारे साथ दुव्र्यवहार करने पर भी समानता का भाव रखना चाहिए।
इस अवसर पर स्मार्ट गर्ल्स कार्यक्रम की बिलासपुर जोन की प्रभारी सुश्री आँचल जैन, समन्वयक प्रेरणा सुराना, अमित जैन, गोपाल वेलाणी, रीतू जैन, प्रकृति जैन, अमरेश जैन, सुप्रीत जैन, प्रवीण कोचर, अभिनव डाकलिया, क्षिप्रा जैन एवं बिलासपुर जोन के विभिन्न चैप्टरों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here