मोती की खेती करने का उठाया बीड़ा अब कहलाती है पर्ल क्वीन

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बिलासपुर। महिलाएं आज पुरुष के कदम से कदम मिलाकर चल रही है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी मेहनत व लगन से योग्यता साबित कर नए मुकाम को हासिल किया है।

इसी तरह से शहर की युवती पूजा विश्वकर्मा ने मोती की खेती का कार्य सफलता हासिल की है और अब पर्ल क्वीन के नाम से जानी जाती है।

पूजा ने संघर्ष के साथ इस कार्य को शुरू किया था कई मुश्किलों का सामना करते हुए वह इस मुकाम पर पहुंची है।

पूजा ने बताया कि वह आत्मनिर्भर होकर परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करना चाहती थी। जिसके लिए जॉब करने का प्रयास किया लेकिन उसका मन नहीं लगा।

तब उसने मोती की खेती नागपुर महाराष्ट्र में मिलने की बात सुनी थी। एक सर के सहयोग व मार्ग दर्शन से वह वहां गई और कई महीने ट्रेनिंग लेकर वापस शहर लौटी।

यहां पर उसने जो भी ट्रेनिंग के दौरान सीखा था उस कार्य को शुरू किया। धीरे.धीरे उसे इस कार्य में सफलता मिलेगी लगी। जिसके बाद वह इस मुकाम पर पहुंची।

दूसरों को भी करती है आत्मनिर्भर

पूजा खुद तो इस क्षेत्र में कार्य कर रही है। वह दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करती है। इसलिए वह निरूशुल्क ही मोती की खेती का प्रशिक्षण देती है। अभी तक बहुत सी महिलाओं को इस कार्य से जोड़ा है।

शुरुआत में हुई कठिनाई

पूजा ने बताया कि जब उसने मोती की खेती करने का कार्य शुरू किया तब लोग कहते थे कि इससे कुछ नहीं होगा कुछ और कार्य कर लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी लगातार इस कार्य को करती है। जिसके परिणाम स्वरूप आज उसे लोग पर्ल क्वीन के नाम से भी जानने लगे है।

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