बिगड़े हुए संबंध के समाधान के लिए खुद पहल करो- जैन मुनि पंथक

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बिलासपुर बिगड़े हुए संबंध के समाधान के लिए खुद पहल करो टिकरापारा गुजराती जैन भवन में चल रहे हैं ऑनलाइन चातुर्मास प्रवचन में जैन मुनि श्री पंथक महाराज ने कहा कि अपने द्वारा कि गई फिजूल दलील बाजी आपसी गैर समझ बातें प्रस्तुत करने की अपनी अपनी पद्धति आदि ऐसी हरकतों के कारण बहुत लोगों के साथ आपसी संबंध बिगड़ जाता है । और अपने अकड़पन के कारण हम चाहते हैं कि समाधान के लिए सामने वाला पहले आए तथापि हम पहले उनके पास नहीं जाते हैं । ऐसा सिर्फ यही एकमात्र तरीका है ऐसा हम समझ लेते हैं ।


गुरुदेव ने उदाहरण के लिए बताया कि एक सास का अपनी बहू से अनबनी हो जाने पर उसकी वजह से उसकी अपने पुत्र के साथ पिछले 3 वर्षों से बातचीत बंद हो गई । सास ने यह तय कर लिए कि बात करने के लिए मैं सामने से नहीं जाऊं और पुत्र भी अपनी मां से मिलने को तैयार नहीं है । ऐसा होने से आपसी संबंध खराब हो गई । परंतु एक सज्जन व्यक्ति ने इस महिला को समझाया और वहां अपने पुत्र के साथ पास जाने की पहल करी और दूसरी तरफ पुत्र भी मां के आने पर बड़े भाव से

मां का आदर सत्कार करा । क्षमा मांगी, आशु बहना हो गया एक दूसरे से प्रेम भाव प्रकट हो गया ।
इसी तरह आपसी मतभेद के लिए हम किसी ना किसी को एक को तो पहल करनी चाहिए और ऐसी छोटी-छोटी पहल कर हमसे बड़ी बड़ी आपसी मतभेद को दूर किया जा सकता है । इसके लिए एक दूसरे के प्रति प्यार अपनापन आदर करने की पहल एक दूसरे के प्रति करनी ही पड़ेगी। ऐसे प्रकार के समाधान के लिए कौन सच्चा कौन झूठा है यह बोल कर अपने एक दूसरे की बातों को लेटस गो करके पहल करने से आपसी संबंधों में मिठास आएगी और पाल्लवित हो जाएगा ।

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