मकर संक्रांति पर सूर्य देव करेंगे मकर राशि में प्रवेश, जाने इससे जुड़ी बातें

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मकर संक्रांति का पर्व आने वाला है। यह पर्व बहुत ही खास होता है। मकर संक्रांति का पर्व पूरी तरह से सूर्य देव को समर्पित होता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।

पंचाग के मुताबिक 14 जनवरी को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन तिल व गुड़ से बने मीठे पकवान खाने की पंरपरा है। पूजा में भी भगवान को इसी से बने लड्डु का भोग लगता है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने बताया कि जीवन में सूर्य का विशेष महत्व होता है।

ज्योतिषशास्त्र में इसे आत्मा का कारक कहा गया है। सूर्य ऊर्जा का क्या महत्व है सभी जानते है। सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य आत्मा के कारक भी है और ये सिंह राशि के स्वामी है। इस लेख के माध्यम से हम सूर्य से जुड़ी खास बाते बताएंगे।

सूर्य देव के चक्कर लगाते है सभी ग्रह

सिंह राशि के स्वामी सूर्य को सौरमंडल का सबसे प्रभावी तारा माना गया है। सौरमंडल के सभी 9 ग्रह सूर्य के चक्कर लगाते है। खगोलशास्त्र के अनुसार सूर्य का व्यास लगभग 13 लाख 90 हजार किलोमीटर है।

सूर्य पृथ्वी से बहुत बड़ा है

सूर्य पृथ्वी से लगभग 109 गुना बड़ा है। इसके बारे में कहा जाता है कि सूर्य हाइड्रोजन और हीलियम गैसों का एक विशाल गोला है। जिस कारण इसमें ऊर्जा का असीमित भंडार भरा हुआ है।

सूर्य से निकलने वाली ऊर्जा का बहुत छोटा भाग ही पृथ्वी पर पहुंचता है। यहीं ऊर्जा पृथ्वी पर मौजूद पानी के 30 प्रतिशत हिस्से को भाप बनाने के काम आती है।

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पृथ्वी से सूर्य की दूरी

सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग 14,96,00,000 किलोमीटर है। यहीं वजह है कि पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश पहुंचने में 8.3 मिनट का समय लगता है।

सूर्य से ही होती है प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया

सूर्य मनुष्य के लिए ही उपयोगी नही हैं बल्कि सूर्य का महत्व पेड़-पौधों के लिए भी बहुत है। सूर्य की प्रकाशीय ऊर्जा से ही प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया होती है, जो पेड़ पौधों के लिए भी बहुत ही जरूरी है। पृथ्वी पर जीवन का आधार भी इसे ही माना जाता है।

ज्योतिष में सूर्य का महत्व

ज्योतिषशास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व बताया गया है। सूर्य को सिंह राशि का स्वामी मना गया है। सूर्य पद, प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास के कारक है। सूर्य देव जब शुभ फल देते है तो व्यक्ति को उच्च पद प्राप्त होता है। ऐसे लोग समाज में लोकप्रिय होते है।

इनका आत्मा विश्वास बहुत उच्च रहता है। ऐसे लोकि किसी के अधीन रही रहना चाहते है ये राजा की तरह कार्य करना चाहते है। अशुभ होने पर सूर्य अपयश प्रदान करते है साथ ही आंख से जुड़ी परेशानी भी देते है।

मकर संक्रांति में इस मंत्र का करे जाप

मकर संक्रांति के पर्व पर सूर्य मंत्र का जाप करे। स्नान करने के बाद सूर्य देव को इस मंत्र से जल अर्पित करे। ऐसा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते है।

ओम सूर्याय नमः

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