करवा चौथ में सुहागिन महिलाएं रखे इन बातों का ध्यान

1

सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत महत्वपूर्ण होता है। महिलाएं इसकी तैयारी कुछ दिन पहले से ही करती है। इस बार यह त्यौहार 4 नवंबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार हर सुहागिन स्त्रियों के लिए बहुत ही खास होता है।

इस दिन सभी महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास करके अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। इस दिन करवा चौथ की कथा सुनने का विशेष महत्व माना गया है।

पूरे दिन व्रत रखने के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा निकलने पर करके अपने पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलती है।

लेकिन इस व्रत में कई महत्वपूर्ण बातें होती है जिनको ध्यान रखना आवश्यक होता है। इस लेख के माध्यम से हम इसकी जानकारी देंगे।

यह व्रत पूरी तरह से पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता हे। लेकिन सुख सौभाग्य के लिए भगवान की पूजा के साथ बड़े बुजुर्गो। का आशीर्वाद लेना भी जरूरी होता है।

इसलिए इस दिन किसी भी बुजुर्ग महिला या अपनी सास का अपमान भूलकर भी न करे। यदि आप ऐसा करते है तो व्रत पूर्ण नहीं होगा। इस व्रत को सुहाग का त्योहार माना जाता हें इस दिन हर सुहागिन स्त्री दुल्हन की तरह तैयार होती है।

करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार करने का बहुत महत्व माना गया है। इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ रहता है। इस दिन भूलकर भी सफेद या फिर काले रंग का उपयोग नहीं करे।

इस दिन चंद्रदेव की पूजा का भी प्रावधान होता हे। इसलिए इस दिन भूलकर भी किसी सफेद चीज जैसे चांवल, दूध, दही या सफेद वस्त्र न दे। मान्यता है कि अगर कोई सुहागिन महिला ऐसा करती है तो चंद्रदेव नाराज हो जाते है। जिससे अशुभ फल की प्राप्ति होने की आशंका रहती है।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here