श्री साईं झूलेलाल चालीहा उत्सव का सादगी से हुआ समापन, हुई पूजा-अर्चना

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बिलासपुर. विगत 14 वर्षों से झूलेलाल चालीहा उत्सव श्री झूलेलाल वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा बिलासपुर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता था।

लेकिन इस बार करो ना महामारी को देखते हुए।

सादगी के साथ घर में ही मनाया गया। चालीहा उत्सव 20 जुलाई को आरंभ हुआ था। इसका समापन 28 अगस्त दिन शुक्रवार को हुआ।

सुबह 9 बजे हवन किया गया। 11 बजे 11 बहराणा साहब की पूजा-अर्चना की गई।

पूजा भाई जगदीश हरद्वानी के द्वारा विधिपूर्वक करवाई गई। दोपहर 2 बजे तेलीपारा से भगवान झूलेलाल की मूर्ति अखंड ज्योत एवं बहराणा साहब दो गाड़ियों में रखकर बगैर बैंड बाजे, बगैर तामझाम बगैर,

शोभायात्रा बगैर झांकियों के साथ शांतिपूर्वक तेलीपारा से निकालकर गोल बाजार, बाल्मीकि चौक, शनिचरी बाजार, बिलासा चौक होते हुए पचरी घाट पहुंचे।

वहां पर विधि-विधान से आरती की गई। अरदास की गई पल्लो पाया गया। भगवान झूलेलाल से प्रार्थना की गई समस्त विश्व कल्याण के लिए करुणा महामारी की जल्द से जल्द खत्म हो।

साथ ही देश में उन्नति हो आतंकवाद खत्म हो आपसी भाईचारा बना रहे। इसके लिए प्रार्थना की गई।

भगवान झूलेलाल से एवं विधि-विधान से पूजा करने के बाद अरपा नदी में मूर्ति व अखंड ज्योत का विसर्जन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष जगदीश हरद्वानी, नानकराम नागदेव,

सेवक राम वाधवानी, प्रीतम दास नागदेव, विजय दुसेजा, नंदलाल पुरी, हरीश भगवानी, श्याम हरियाणवी, रमेश मोटवानी,, जगदीश जग्यासी,

हरीश हरदवानी, कमल भाई, विनीता भावनानी, कंचन रोहरा, ज्योति पंजाबी, चंदा मखीजा, कमलेश वाधवानी, गन्नू चावला, सरिता डोड़वानी,

कंचन डोडवानी, गुंजन भारती, गोविंद दुसेजा, प्रिया अमर वाधवानी, रूपचंद डोडवानी, मुरली मलघानी, यश , भरत, सतराम दास सहित सिंधी समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

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