शारदीय नवरात्रि में बन रहा विशेष संयोग, 25 अक्टूबर का दिन होगा खास

0

शारदीय नवरात्रि का शुभ पर्व इस साल 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और इस साल विशेष संयोग भी बन रहा है। जिस वजह से मां दुर्गा का पावन पवित्र पर्व विशेष है।

नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्र के दिनों में सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है

और मां दुर्गा अपने भक्तों के सारे कष्टों व दुखों को दूर कर देती है। इस लेख के माध्यम से नवरात्रि में बन रहे विशेष संयोग के विषय में बताएंगे।

यह संयोग बन रहा है इस साल

शारदीय नवरात्रि पर चार सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे है जो 17 अक्टूबर, 19 अक्टूबर, 23 व 24 अक्टूबर को है।

17 अक्टूबर, 21 व 25 अक्टूबर को अमृत योग है और 18 व 24 अक्टूबर को अमृत योग है और 18 अक्टूबर को प्रीति, 19 अक्टूबर को आयुष्मान, 20 अक्टूबर को सौभाग्य योग बन रहा है।

ज्योतिष में इन योग को काफी खास माना गया है।

शारदीय नवरात्रि में पूजन सामग्री

मां दुर्गा को सबसे ज्यादा लाल रंग प्रिय है। इसलिए उनकी प्रतिमा को स्थापित करने के लिए लाल रंग का कपड़ा ही रखे।

इसके अलावा कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, कलश, जल, मौली, इलायची, लौंग, कपूर,

रोली, साबूत सुपाड़ी, साबूत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदुर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगार सामग्री भी रखे।

कलश स्थापना का मुहूर्त

नौ दिनों तक देशभर में मनाया जाने वाला शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू होगा। पहले दिन ही कलश स्थापना होगी। नवरात्र के नौ दिन मां के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रम्हचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता,

कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्र के दौरान सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 6 बजकर 23 मिनट से प्रातः 10 बजकर 12 मिनट तक है। इस अवधि के दौरान पूरे विधि-विधान और सच्चे मन के साथ घट स्थापना करें और मां का आशीर्वाद ले।

नवमी व दशहरा 25 को ही

17 अक्टूबर से शुरू होकर नवरात्र 25 अक्टूबर तक रहेगा। 25 अक्टूबर को महानवमी मनाई जाएगी साथ ही इस दिन ही दशहरा का पर्व भी मनाया जाएगा।

खास बात यह है इसी दिन विजयादशमी का पर्व भी है। नवमी तिथि 7 बजकर 41 मिनट तक है इसके बाद दशहरा की तिथि शुरू हो जाएगी। इसी वजह से इस साल महानवमी और दशहरा का त्योहार एक दिन ही मनाया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here