सोमवती अमावस्या है 12 अप्रैल को, जाने व्रत का महत्व व पूजा का मुहूर्त

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हिन्दू धर्म में प्रत्येक तिथि का महत्व माना गया है। पूर्णिमा, अमावस्या का सबसे ज्यादा महत्व होता है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तारीख को अमावस्या आती है ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी के मुताबिक अमावस्या में यदि सोमवार का दिन होता है। तो उसका महत्व कई गुणा बढ़ जाता है। जिसे सोमवाती अमावस्या कहा जाता है। चैत्र माह में 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या का व्रत किया जाएगा।

इस साल सिर्फ एक ही है सोमवती अमावस्या

इस साल सोमवती अमावस्या एक ही है। जिसके कारण इसका बहुत ज्यादा महत्व है। शास्त्रों में सोमवती अमावस्या के दिन किए गए दान का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।

पुराणों में है उल्लेख

पुराणों के मुताबिक सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान करने की परंपरा है। सोमवती अमावस्या के दिन वैसे तो गंगा स्नान करने का विशेष महत्व होता है। लेकिन यदि गंगा स्नान न हो सके तो किसी भी नदी में स्नान कर शिव-पार्वती और तुलसीजी की पूजा करनी चाहिए।

इस दिन शिव-पार्वती और तुलसी की पूजा करना लाभदायक माना जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती है। ऐसी भी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने और पितरों के निमित्त दान करने से पूरे परिवार के ऊपर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।

जिससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में पितृदोष है तो सोमवती अमावस्या का दिन कुंडली के पितृदोष निवारण का बहुत उत्तम दिन माना गया है।

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