भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते समय बहनों को बोलना चाहिए यह मंत्र, ऐसे बांधे राखी

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राखी बांधकर बहने अपने भाई की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने राखी बांधने के दौरान एक मंत्र के विषय में बताया है। उन्होंने बताया कि जब भी बहन भाई की कलाई पर राखी बांधे तब उसे इस मंत्र को अवश्य ही बोलना चाहिए। इससे भाई-बहन के स्नेह व अटूट बंधन को किसी की नजर नहीं लगती है।
साथ ही हर संकट से भाई को मुक्ति मिलती है और उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भाई-बहन के इस पवित्र प्रेम के पर्व को बहुत ही खास तरह से मनाना चाहिए। इस दिन अपने भाई से अवश्य ही मिलनी चाहिए।

बोले यह मंत्र

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः
त्ेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल
इस मंत्र का अर्थ है जिस रक्षा सूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बांधा गया था। उसी रक्षा सूत्र मैं तुम्हे बांधती हूं जो तुम्हारी रक्षा करेगा।

कैसे बांधे राखी जाने

-वहले अपने भाई को कुंकुम ये तिलक लगाएं उसे उपर चावल लगाए। चावल टूटे हुए न हो।
-इसके बाद अपने भाई के हाथों में नारियल दे और राखी बांधे।
-राखी बांधते समय उपर बताए गए मंत्र भी बोले।
-इसके बाद अपने भाई को मिठाई खिलाएं और उनकी आरती उतारे।
-इस तरह रक्षाबंधन का पर्व मनाने से जीवन में खुशियां बनी रहती है।

हनुमान जी को राखी बांधने से दूर होंगी परेशानी

हमारे धर्म ग्रंथों में देवी-देवताओं को भी रक्षा सूत्र अर्पित करने का विधान है। ऐसा करने से उनकी कृपा हम पर बनी रहती है। बहुत सी महिलाएं रक्षाबंधन पर हनुमान जी को राखी अर्पित करती है। क्योंकि सावन शिव भक्ति का महीना है और हनुमान जी भगवान शिव के अवतार है। हनुमान जी को राखी बांधने से सभी संकट दूर हो जाते है। हनुमान जी को राखी बांधते हुए यह मंत्र बोले
अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवन कृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम
सकल गुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपति प्रिय भक्तं वातजातमनमामि।।

ऐसे बनाए रक्षा बंधन को शुभ

रक्षा बंधन के पर्व को शुभ बनाने के लिए राखी बांधने का तरीका भी आपको जान लेना चाहिए। थाली में कुमकुम के प्रयोग से सबसे पहले स्वास्तिक का निशान बनाए। अब हाथ में थोड़ा कुमकुम लेते हुए भाई को सबसे पहले तिलक लगाएं। तिलक के उपर अक्षत लगाएं और कुछ अक्षत भाई के सिर पर भी फेंके। ऐसा करना शुभ माना जाता है। इस बाद राखी बांधे और मिठाई खिलाए और भाई से अपनी रक्षा करने का संकल्प ले।

व्रत करने भाई व बहन दोनों

रक्षा बंधन का पर्व स्नेह का पर्व है। इस दिन भाई व बहन को राखी बांधने से पूर्व व्रत करना चाहिए। जब राखी बांधने की विधि की जाए उसके बाद ही दोनों को एक साथ बैठकर भोजन करे। इस उत्सव के दिन भाई-बहन सभी को एक साथ बैठकर मिष्ठान व खीर जैसे पकवान अवश्य ही खाना चाहिए।

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