संतान के दीर्घायु के लिए सिंधी समाज की महिलाओं ने मनाया थदड़ी का पर्व

0

बिलासपुर-शहर में सिंधी समाज की महिलाओं ने सोमवार को थदड़ी का पर्व मनाया। जिसमें सिंधी विधि से पूजा-अर्चना करते हुए माता शीतला की पूजा कर उन्हें भोग अर्पित किया। अपने संतान व परिवार के सुख-समृद्धि की कामना महिलाओं ने की। साथ ही साथ कथा श्रवण कर शाम में भोग ग्रहण किया। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले सिंधी परिवार की महिलाओं ने इस व्रत को करते हुए गुरुद्वारा व मंदिरों में पहुंचकर पूजन किया।

सनातन धर्म में पूजा-अर्चना व्रत-उपवास का बहुत महत्व होता है। भारत देश विविध भाषी समाजों का मिश्रण है। हर तीज त्योहार अपनी आध्यात्मिक पहचान लिए हुए है और हर समाज में त्योहारों के अलग-अलग नाम है। जुलाई व अगस्त माह में निरंतर वर्षा से सृजित जीव-जंतुओं से उत्पन्न मौसमी बीमारियों जिनमें चिकन पाॅक्स प्रमुख है। इससे रक्षा के लिए मां शीतला की आराधना सिंधी समाज की महिलाएं करती है। जिसे थदड़ी पर्व कहा जाता है। मोहन जोदड़ो की खुदाई से प्राप्त मां शीतला की प्रतिमा इस पर्व की ऐतिहासिकता को प्रमाणित करती है कि यह सिंधी सभ्यता का प्रमुख पर्व है। बताया जाता है कि अविभाजित भारत के सिंध प्रांत में इस दिन कोई होटल या जलपान गृह तक नहीं खुलते थे। सब और एक दिन पूर्व बना ठंडा भोजन ही खाया जाता था। बहू-बेटियों और करीबी मित्रों-नाते रिष्तेदारों को भी भेंट किया जाता था।

पर्व के एक दिन पूर्व ही संध्या को मीठी रोटी जिसे कोकी या लोला भी कहते है। बेसन की रोटी, टिकड़ी और सूखी मौसमी सब्जियां जैसे आलू, भिंडी, करेला, दही बड़ा जैसे कई पारंपरिक व्यंजन बनाने के बाद गैस या स्टोव को कच्चे दूध व ठंडे पानी की शीतल बूंदे अर्पित कर पूजा कर 24 घंटे तक शांत रखा जाता है। शीतला माता की आराधना 21 गेहूं के आटें की गोल-गोल छोटी टिक्की बनाकर दूब कच्चे दूध के साथ गीत गाते हुए स्तुति करती है। दैवीय प्रकोप से बचने के लिए पूजा कर सभी बच्चों व परिवार की समाज की देश व विश्व की रक्षा की कामना की जाती है। दिन भर ठंडा भोजन प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है।

बिलासपुर में कई जगह इस पूजन के कार्यक्रम को महिलाओं ने सामूहिक रूप से किया। वहीं कुछ लोगों ने घर पर ही पूजा की। कश्यप काॅलोनी, शनिचरी, सिंधी काॅलोनी, ऋषि काॅलोनी सहित शहर में महिलाओं ने विधि-विधान पूजा किया। इस पूजन कार्यक्रम में वंदना मलघानी, पूजा मलघानी, कंचन मलघानी, काजल आडवानी, भारती वाधवानी, कीर्ति सिरवानी, रेखा सिरवानी, दीपा सिरवानी, रूपल चंदवानी, कोमल टहिल्यानी, काजल मंगवानी, नीतू मंगवानी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here