पर्यूषण पर्व के कार्यक्रम में बिलासपुर, गोंदिया, मंडला, फरीदाबाद, बुढ़ार के श्रावक ऑनलाइन शामिल हुए

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बिलासपुर श्री दिगंबर जैन पर्वाधिराज पर्यूषण एवं दसलक्षण धर्म के आठवें धर्म “उत्तम त्याग” के दिन बिलासपुर जैन सभा की सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के तत्वावधान में सरकंडा स्थित संतभवन में एक अनूठी धार्मिक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम व्हाट इज मोबाइल नम्बर का आयोजन किया गया।
सांध्य कालीन कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों को उत्तम आकिंचन धर्म के बारे में जानकारी अनुभूति जैन और सुप्रीत जैन द्वारा दी गई, फिर बच्चों को उस धर्म से संबंधित एक छोटा सा वीडियो दिखाया गया, फिर उसी वीडियो से संबंधित पांच सवाल ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थित बच्चों से पूछे गए। सही जवाब देने वाले पाँचों बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण श्रीमती सपना जैन ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत मे तीन वर्षीय आद्या जैन द्वारा आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी।


जैन समाज के पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म के दिन बिलासपुर जैन सभा की सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति द्वारा एक दिलचस्प धार्मिक खेल व्हाट इज मोबाईल नम्बर का आयोजन किया गया। यह एक खुली प्रतियोगिता थी, इसमें 15 वर्ष से ऊपर के श्रावको ने हिस्सा लिया । हर सवाल का सही जवाब देने वाले श्रावक पुरस्कार के पात्र हुए। जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि इसमे श्रावकों को मोबाईल नम्बर बताना था। यह प्रतियोगिता चार चरणों में विभाजित थी। पहले चरण का नाम था- यलो पेजेस, जिस प्रकार यलो पेजेस में सभी के संपर्क नम्बर मिलते हैं, उसी प्रकार इस चरण में एक अधूरा मोबाईल नम्बर दिखाया गया और उस अधूरे नम्बर को पूरा करने के लिए संकेत के रूप में कुछ धार्मिक सवाल दिए गए, जिनका जवाब कोई नम्बर था और वही नम्बर उन खाली जगह पर आया, जिससे वो मोबाईल नम्बर पूर्ण हो गया।


इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान श्रावकों को जवाब देते समय मोबाईल नम्बर बोलने के पूर्व यह वाक्य बोलना जरूरी था कि मेरे सिद्ध प्रभु से संपर्क करने का नम्बर है, फिर उसके बाद पूरा मोबाइल नम्बर। प्रतियोगिता का दूसरा चरण था- तोल मोल के बोल। इस चरण में भी अधूरे मोबाईल नम्बर दिखाए गए, लेकिन इस चरण में मोबाईल नम्बर के दस अंकों में से पाँच या छह अंक नहीं बताए गए और उन अंकों को पूर्ण करने के लिए वैसे ही सवाल पूछे गए जैसे पहले चरण में पूछे गए थे, लेकिन इस चरण में उन अंकों के मध्य कुछ गणितीय संबंध भी स्थापित किए गए थे। तीसरा चरण था- मंगल डायरेक्टरी, इस चरण में श्रावकों को कुछ चित्र दिखाए गए। श्रावकों को उन चित्रों के माध्यम से दस अंकों का मोबाईल नम्बर स्वयं बनाना था। इसी कड़ी में इस प्रतियोगिता का चौथा और आखिरी चरण ट्रू कॉलर। जिस प्रकार ट्रू कॉलर से पता चल जाता है कि मोबाईल में काल आने वाला नम्बर किसका है। इसी तर्ज पर इस चरण में श्रावकों को एक नम्बर दिखाया गया और उन्हें कोई भी संकेत नहीं दिया गया, श्रावकों को बताना था कि यह नम्बर जैन धर्म के किस पूजा या सिद्धांत को दर्शाता है।


यह प्रतियोगिता आयोजन स्थल पर उपस्थित श्रावकों के साथ-साथ ऑनलाइन श्रावकों के लिए भी थी। प्रतियोगिता के दौरान बारी-बारी से सवाल ऑनलाइन श्रावकों और वहां उपस्थित श्रावकों से पूछे गए। सभी राउंड में कम से कम एक से दो सवाल बिलासपुर से बाहर के श्रावकों के लिए निर्धारित किये गए। पूरी प्रतियोगिता के दौरान 125 से अधिक परिवार इस प्रतियोगिता से जुड़े। बिलासपुर से बाहर के श्रावकों में से गोंदिया, मंडला, फरीदाबाद, बुढ़ार के श्रावकों ने सही जवाब देकर पुरस्कार जीता।
इस वर्ष के दसलक्षण पर्व की परंपरा को कायम रखते हुए उत्तम ब्रम्हचर्य धर्म के बारे में जानकारी छोटे से प्रवचन के रूप में जानकारी वीडियो के माध्य्म से बच्चों के मुख से आशय जैन, उन्नति जैन और ऊर्जा जैन ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान समाज के संरक्षक, वरिष्ठ सदस्य, महिला मंडल एवं बच्चे मौजूद थे। समाज के अध्यक्ष वीर कुमार जैन, उपाध्यक्ष श्रीकांत जैन, महिला मंडल अध्यक्ष साधना जैन, मंगला जैन पर्यूषण पर्व के दौरान ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करने हेतु आयोजन समिति की भूरी-भूरी प्रशंसा की और आयोजन समिति के समस्त सदस्यों को आशीर्वाद दिया।

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