शनि देव आपसे नाराज है या प्रसन्न पता लगाए, ऐसे

2

हिन्दू धर्म में प्रत्येक देवी-देवताओं को महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी पूजा-अर्चना के लिए भी सप्ताह में एक खास दिन माना जाता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि दिन के अनुसार निश्चित किए गए देवता की उसी दि नही पूजा करने से वे जल्द प्रसन्न होते है।

ऐसे में नव ग्रहों में न्याय के कारक देव शनि देव (Shani Dev)का दिन शनिवार को माना जता है। शनिदेव के प्रकोप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी दशा को तो छोड़िए उनका नाम सुनते तक अधिकंाश लोग डर जाते है। जबकि शनि केवल दंड के विधान के तहत ही कार्य करते है।

जो मनुष्य अच्छा कार्य करते है उसका कभी बुरा नहीं करते है। माना जाता है कि शनि देव ईमानदार लोगों के लिए अच्छा होते है वहीं शनिदेव(Lord Shani) को ही मोक्ष प्रदान करने वाला भी माना गया है। इस लेख के माध्यम से हम बताएंगे कि शनि देव के नाराज व प्रसन्न होने के लक्षण कैसे जानेंगे।

शरीर के लक्षण

माना जाता है कि शनि देव किस तरह से देखते है आपको वह व्यक्ति जिस पर षनिदेव मेहरबान होते है उनके संबंध में ये मान्यता है कि उन पर इनके साधारण लक्षण दिखाई देते है। ऐसा व्यक्ति शरीर से दूबला-पतला होता है साथ ही उसके बाल काफी घने होते है।

इसके अलावा शनि का कृपापात्र व्यक्ति अनुशासन के सांचे में ढला हुआ होता है। वहीं शनिदेव इनकी समय-समय पर परीक्षा भी लेते रहते है। जिसके चलते ऐसे लोगों को कई बार बचपन में थोड़े बहुत हड्डियों के रोग भी कभी-कभी लग जाते है।

इसके अलावा पैरों में मोच आना, हाथ-पैर की हड्डियां टूटना, जोड़ों में दर्द रहना भी शनिदेव की परीक्षा का ही एक हिस्सा माना जाता है। यदि आप पर भी ये लक्षण दिखते है। तो समझ जाए कि शनि देव की आप पर कृपा है।

शनिदेव के कृपा के पात्र होते है ऐसे लोग

1.जिन लोगों पर शनि (Lord Shani)की कृपा होती है वे बड़ी परेशानी से निकलने में सक्षम होते है। दिक्कत कितनी भी बड़ी क्यों न हो समाधान देर सवेर निकल ही आता है। यानि कितनी भी तकलीफ आए इन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता हे।

2.शनिदेव की कृपा के पात्र लोग किसी की मदद लेना पसंद नहीं करते और न ही किसी की मदद से आगे बढ़ते है। ऐसे लोग जमीन से अपना सफर शुरु करके एक दिन बुलंदियों पर पहुंच जाते है।

3. शनिदेव की कृपा पात्र लोग स्वयं को मजबूत और अधिक स्वतंत्र रूप से पेश करन का प्रयास करते नजर आएंगे। जैसे की वे सच में होते भी है।

4.ऐसे लोग एक भावनात्मक व्यक्ति होने के साथ ही जब किसी से जुड़ते है तो उससे इनको लगाव हो जाता है और आप उसका साथ छोड़ना पसंद नहीं करते।

5.शनिदेव की कृपा पात्र लोग झू ठपाखंड बेमानी करने वालों से घृणा करते है और ऐसा करने वाले व्यक्तियों को अपने साथ तक रखना पसंद नहीं करते है।

6. शनिदेव की कृपा पात्र लोग प्रत्येक काम को अनुशासन से करते है ये लोग काम में जब तक सफलता नहीं मिलती तब तक अथक प्रयास करते रहते है और शनि देव आपके इस प्रयास से प्रसन्न होकर आपको अंत में फल जरूर देते है।

हनुमानजी की कैसी तस्वीर रखे घर में, जाने यहां

शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय

यदि कोई काम रूक गया हो या किसी काम में सफलता नहीं मिल पा रही हो तो सरसों के तेल का विशेष प्रयोग करे। शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाए।

शनिदेव की कृपा प्राप्ति के लिए काले वस्त्र का दान करे।

शनि पर तेल चढ़ाएं व उनसे कृपा के लिए प्रार्थना करे।कहा जाता है कि रविवार को छोड़कर लगातार 43 दिनतक शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ चारों ओर कच्चा सूत 7 बार लपेटें। इस दौरान शनि मंत्र का जाप करने से शनि देव प्रसन्न होते है।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन उपवास और दान करे। इस दिन काली गाय को उड़द, तेल या तिल खिलाने से शनिदेव शांत होते है।

शनिवार के दिन शनिदेव के मंदिर में काले रंग के चमड़े के जूत या चप्पल पहनकर जाए और घर नंगे पांव लौटे। जिन लोगों पर ढैया या साढ़ेसाती चल रही होती है उन पर शनिदेव अपनी कृपा बरसाते है।