गंभीर कुपोषित बच्चों को मिलेगा बेहतर उपचार, कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र को आकर्षक बनाने के निर्देश

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जांजगीर चांपा. जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों के बेहतर उपचार को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कलेक्टर यशवंत कुमार ने जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध क्षमता के अनुसार गंभीर कुपोषित बच्चों को बेहतर उपचार देने की बात कही और सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों को आकर्षक बनाने के निर्देश दिए।

इसके लिए कलेक्टर सोमवार को पोषण अभियान के जिला स्तरीय अभिसरण समिति की तिमाही बैठक बुलाई और उसमें सभी एनआरसी केंद्रों में मनोरंजन, पोषण, साफ-सफाई, पेंटिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में सबसे पहले जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थिति और वहां की व्यवस्था की जानकारी ली।

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इसके बाद गंभीर कुपोषित बच्चों और उनके साथ रहने वाली अभिभावक, मां की सुविधाओं का विशेष ध्यान देने की बात कही। कलेक्टर ने कहा पोषण पुनर्वास में बच्चों के खेलने एवं अभिभावकों की मनोरंजन आदि सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पोषण पुनर्वास केन्द्रों मे बच्चों की रूचि के अनुरूप आकर्षक पेंटिंग किया जाय, गुणवत्ता युक्त खिलौने भी उपलब्ध रहें।

उन्होंने कहा पोषण पुनर्वास में बच्चों के साथ रहने वाले अभिभावकों के लिए भी खेल सामग्री एवं मनोरंजन के लिए टीवी आदि उपयोगी हालत में रहे। केन्द्र में उपलब्ध सभी बेड में गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। कलेक्टर ने कहा किशोरी बालिकाओं की एनिमिया जांच तत्काल प्रारंभ कर दें।

ऐसी किशोरियां जो स्कूल आना प्रारंभ कर रहे हैं उनकी जांच स्कूलों में की जाए और जिनकी कक्षाएं अभी प्रारंभ नहीं हुई है उन बच्चों की एनीमिया जांच एवं आवश्यक आयरन फोलिक एसिड की खुराक एवं अन्य दवाइयां उपलब्ध कराने की जवाबदारी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी की होगी। उन्होने कहा वजन त्यौहार का आयोजन अलग.अलग दिनों में कर सकते हैं।

भीड़ एकत्रित ना हो इसका ध्यान रखें। वजन त्यौहार से कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन होगा। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड खाली नहीं रहनी चाहिए। कुपोषित बच्चों एवं एनिमीक महिलाओं को शासन की योजना की लाभ मिले। कलेक्टर ने कहा कि शौचालयविहीन आंगनबाड़ी केंद्र के भवनों में शौचालय निर्माण सुनिश्चित करवाया जाए।

शौचालयविहीन भवनों की सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि विभिन्न योजनाओं से शौचालय बनाने की स्वीकृति प्रदान की जा सके। कलेक्टर ने सीएमएचओं से कहा कि संस्थागत प्रसव, स्तनपान, टीकाकरण कार्य की प्रगति की जानकारी समय पर उपलब्ध कराए। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति खोखर चाखियार ने पोषण अभियान के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया।

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