स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है, आज का मूल मंत्र जिम्मेदार बनेंगे, स्वतंत्रता पायेंगे

बिलासपुर भारतीय जैन संघटना बिलासपुर द्वारा आयोजित किए जा रहे स्मार्ट गर्ल्स वर्कशाॅप का पांचवा दिन चयन एवं निर्णय विषय आधारित था। 14 से 26 आयु वर्ग की लड़कियों के लिए वर्चुअल रूप में 24 से 30 मई तक आयोजित इस वर्कशाॅप में विगत चार दिनों से विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की जा रही है। आज के कार्यशाला की शुरूआत एक वास्तविक जीवन की कहानी के माध्यम से की गई और इस कहानी के माध्यम से निर्णय लेने की क्षमता के बारे जानकारी दी गई। आज के विषय पर चर्चा करते हुए प्रशिक्षक ने कहा कि अगर हम जिम्मेदार बनेंगे तो स्वतंत्रता मिलेगी और स्वतंत्रता के साथ ही जिम्मेदारी भी आती है और यह विश्वास हम बड़ों को अपने बर्ताव से दिला सकते हैं।

जिम्मेदारी के बारे में विस्तारपूर्वक बतलाते हुए उन्होंने कहा कि हमारे कार्य के लिए, निर्णयों के लिए हमें स्वयं जवाबदेह होना चाहिए और हमें यह पता होना चाहिए कि अगर मैंने यह कार्य किया है तो क्यों किया है, उसको दूसरों से छुपाने की या उसके बारे में झूठ बोलने की जरूरत न पड़े। आज के सत्र में जीवन में लिए जाने वाले कुछ निर्णय जैसे उच्च शिक्षा हेतु निर्णय, कैरियर का चयन, समय व्यवस्थापन, मीडिया व टेक्नोलॉजी का उपयोग, मित्र बनाना, जीवन साथी का चयन के बारे में चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं के साथ परामर्श लेते रहना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी निर्णय को लेने में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए वरना पछतावा हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने नवीन तकनीक के चयन और उपयोग पर सही चयन के बारे में चर्चा की और कहा कि नवीन तकनीक के उपयोग का निर्णय गलत हो तो आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं जैसे मोबाईल, गेम्स, सोशल मीडिया आदि की लत लग जाना, डिजिटल वित्तीय लेनदेन में जोखिम। इस बात पर जोर डालते हुए उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मैत्री से रोमांटिक संपर्क, धोखाधड़ी, उत्पीड़न, ब्लैकमेल, आदि के शिकार होने की संभावना रहती है, इसलिए सोशल मीडिया का उपयोग संयमित तरीके से करना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में जीवनसाथी के चयन को लेकर विभिन्न पहलुओं पर खुलकर चर्चा की। वर्कशाॅप के अंत में प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों से कुछ सवाल किए और उन सवालों के जवाब में लड़कियों ने कहा कि कभी-कभी हमें अपनी काबिलियत नहीं पता होती लेकिन परिस्थिति आने पर वो काबिलियत अपने आप सबके सामने आ जाती है। प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आप कोई भी कार्य करें, बिजनेस करें, नौकरी करें या घर पर ही रहें, लेकिन यह निर्णय आपका ही होना चाहिए, न कि किसी का थोपा हुआ।
इस अवसर पर स्मार्ट गर्ल कार्यक्रम की बिलासपुर जोन की प्रभारी आँचल जैन, समन्वयक प्रेरणा सुराना, प्रकृति जैन, गोपाल वेलाणी, पूनम दोषी एवं अमित जैन द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भारतीय जैन संघठना के प्रदेश सचिव एवं बिलासपुर प्रभारी अमरेश जैन, जोन अध्यक्ष डॉ. सुप्रीत जैन, शुभम जैन, गौरव जैन, अंशु जैन, रीतु जैन, संजय जैन, राकेश तेजानी, भावेश गांधी, मनीष शाह एवं बिलासपुर जोन के विभिन्न चैप्टरों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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