सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं(Pregnant Women) को रखनी चाहिए सावधानी, जाने क्या करे, क्या न करे

ग्रहण काल को हिन्दू धर्म में अशुभ घटना मानी जाती है। इस दौरान शुभ कार्य को वर्जित माना गया है। ऐसे में खास तौर पर गर्भवती महिलाओं को इससे बचने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी के मुताबिक 10 जून को सूर्य ग्रहण है। इस तिथि में गर्भवती महिलाओं(Pregnant Women) को सावधानी रखनी चाहिए।
-हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women)को सूर्य ग्रहण के दौरान घर के अंदर ही रहना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दौरान घर से बाहर निकलना हानिकारक है।

-सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women)को चाकू, पिन और सुई जैसी नुकीली चीजों से भी दूर रहना चाहिए। क्योंकि हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक माना गया है कि वे इस अवधि के दौरान शिशु में विकृति का कारण बनती है। ग्रहण के दौरान चाकू, ब्लेड, कैंची जैसी किसी भी काटने वाली वस्तु का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे अजन्मे बच्चे के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है।

-सुई धागा का उपयोग भी इस समय के दौरान निषिद्ध है। ग्रहण कि अवधि के दौरान भगवान का नाम लेने के अलावा और कुछ नहीं करना चाहिए।

-गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women)को ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि यह हानिकारक हो सकता है। सूर्य ग्रहण को कभी भी खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि इससे आंखों की रोशनी खराब हो सकती है।

-सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women)को सोने की सलाह नहीं दी जाती है और उसे फर्ष पर फैली घास पर बैठना चाहिए।

-ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं(Pregnant Women) को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। संतान गोपाल मंत्र या सूर्य मंत्र या विष्णु मंत्र का भी जाप कर सकती है।

-सूर्य ग्रहण के बाद गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women)को स्नान करना चाहिए। साथ ही ग्रहण के दौरान पेट में गेरू का पूर्ण लेप कर लेना चाहिए। इसके अलावा गोबर का एक टीका भी लगाया जा सकता है। गोबर को पवित्र व शुद्ध माना जाता है। जो ग्रहण के प्रभाव को खत्म कर सकता है।

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