कर्ज मुक्ति व संतान प्राप्ति के लिए करे प्रदोष व्रत, जाने व्रत विधि

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प्रदोष भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में 24 फरवरी को प्रदोष व्रत किया जाएगा। यह व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति और खुशहाली हमेशा बनी रहती है। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश्वर प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि इस बार प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ने वाला है। बुधवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत व्यक्ति को बुध ग्रह की शुभता प्रदान करता है।

सौ गाय दान का मिलता है पुण्य

मान्यता है कि प्रदोष व्रत को सबसे पहले चंद्रदेव ने किया जिसके फल के प्रभाव से चंद्रमा को क्षय रोग से मुक्ति मिल गई थी। कहा जाता है कि त्रयोदशी की तिथि को किया जाने वाला यह व्रत सौ गायों के दान के बराबर पुण्य प्रदान करता है। प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष की तिथि त्रयोदशी से शुरू किया जा सकता है। लेकिन कामना विशेष के लिए इस व्रत को प्रारंभ करने की कुछ तिथिया उत्तम मानी जाती है।

साल भर में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की तिथियां, जाने यहां

कामना के मुताबिक इस दिन करे व्रत शुरू

सुख सौभाग्य की कामना के लिए जिस दिन त्रयोदश्ज्ञी के दिन शुक्रवार पड़े उस दिन से प्रदोष व्रत प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

लंबी आयु की कामना के लिए जिस त्रयोदशी के दिन रविवार पड़े उस दिन से प्रदोष व्रत प्रारंभ करना उत्तम माना जाता है।

संतान सुख की कामना करने वालों को प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष की जिस त्रयोदशी को शनिवार पड़े उस दिन से व्रत प्रारंभ करना चाहिए।

कर्ज मुक्ति के लिए जिस त्रयोदश्ज्ञी के दिन सोमवार पड़े उस दिन से प्रदोष व्रत प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

प्रदोष व्रत के नियम

1.प्रदोष व्रत करने के लिए व्रती को त्रयोदशी के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए।

2.नहाकर भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए।

3.इस व्रत में भोजन ग्रहण नहीं किया जाता है।

4.गुस्सा या विवाद से बचकर रहना चाहिए।

5.प्रदोष व्रत के दिन ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए।

6.इस दिन सूर्यास्त से एक घंटा पहले नहाकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।

7.प्रदोष व्रत की पूजा में कुशा के आसन का प्रयोग करन चाहिए।

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