सकारात्मक विचार, ध्यान और योग दूर करते हैं तनाव -ब्रह्माकुमारी मंजू

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बिलासपुर टिकरापारा . सकारात्मक दृष्टिकोण अपने आप में एक औषधि है। यदि हम कोई भी कार्य सकारात्मक सोच के साथ करते हैं तो उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।

ध्यान, आसन, प्राणायाम का अभ्यास सकारात्मक सोच के साथ करने से छोटे-मोटे रोग तो स्वतः ही ठीक हो जाते हैं और योगाभ्यास नियमित करने से असाध्य रोगों से बचा जा सकता है।

इसके अतिरिक्त एक्यूप्रेशर, घरेलू चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा व पंचकर्म चिकित्सा से भी रोगों का उपचार किया जा सकता है। इसके बाद आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व एलोपैथी औषधियों का सहारा लें।

उक्त विचार महिला पतंजलि व भारत स्वाभिमान के प्रशिक्षार्थियों को प्रातःकालीन योग सत्र में संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने दिए।

आपने 40 मिनट के वर्कआउट . म्यूज़िकल एक्सरसाइज से योगाभ्यास की शुरूआत की जिसमें योग प्रदर्शन के लिए मास्टर ट्रेनर संदीप भाई, पूर्णिमा बहन, ईश्वरी बहन एवं नीता बहन सहयोगी रहीं।

इसके पश्चात् दीदी जी ने सभी को आठों प्राणायामों व सूक्ष्म आसनों व अंत में रिलैक्सेशन मेडिटेशन . योगनिद्रा का अभ्यास कराया। सभी साधक योगनिद्रा के लिए बहुत उत्सुक थे।

गूगल मीट के जरिये सभी आपस में जुड़े हुए थे। इस अवसर पर पिछले 33 दिनों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 73 साधकों के अतिरिक्त फेसबुक, यूट्यूब व फ्रीकॉन्फ्रेन्स कॉल

के माध्यम से अन्य साधकों ने लाभ लिया। इसमें महिला पतंजलि की सरिता साहू, गीतांजलि पटनायक, पदमा बिसोई, ममता साहू, अखिलेश्वरी देवी व अन्य पदाधिकारीगण शामिल रहीं।

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