जैन समाज मंदिरों व घरों में पूजा एवं ऑनलाइन धार्मिक प्रतियोगिता का किया जा रहा आयोजन

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बिलासपुर. दिगम्बर जैन समाज का आत्म शुद्धि का सबसे बड़ा त्यौहार पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व रविवार से प्रारंभ हो गया है। प्रतिवर्ष यह पर्व सकल जैन समाज द्वारा बड़ी धूमधाम और सामूहिक पूजनए अभिषेक और भक्ति के साथ मनाया जाता रहा है।

लेकिन इस वर्ष परिस्थितियां अलग है । अतः इस वर्ष जैन साधु साध्वियों ने भी कहा है कि यह मत सोचिए कि मंदिर जी आने को मना किया है

बल्कि यह सोचिए कि हर घर को मन्दिर जी बनाने को कहा है। जैन समाज भी शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते और प्रासंगिक परिवर्तनों को अंगीकार करते हुए नवीन तकनीकों के प्रयोग से आल्हादित है।

अतः विश्वव्यापी कारोना संक्रमण के दौरान प्रत्यक्ष रूप से एक साथ एकत्रित न होकर अप्रत्यक्ष रूप से एक साथ जुड़कर ऑनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।

इस प्रतियोगिता के लिए आयोजन समिति द्वारा एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है । जिसमें कार्यक्रमों से संबंधित सभी जानकारियां प्रसारित की जाती हैं।

इसी कड़ी में तीन प्रतियोगिताओं का ऑनलाइन आयोजन किया गया।

प्रथम आयोजन आओ ज्ञान बढ़ायें प्रतियोगिता पूरे पर्यूषण पर्व के दौरान प्रतिदिन आयोजित की जायेगी। यह प्रतियोगिता एक क्विज है।

इसमे आयोजन समिति द्वारा ग्रुप में एक प्रश्न पत्र प्रसारित किया गयाए जो कि धार्मिक एवं सामान्य ज्ञान पर आधारित था।

इस प्रतियोगिता में 60 साधर्मी बंधुओं ने अपनी प्रतिभागिता दी। इस प्रतियोगिता में प्रतिदिन दो लोगों को विजेता चुना जाएगा।

आज की इस प्रतियोगिता के विजेता रहे। मोना जैन, ग्रीनपार्क कॉलोनी एवं दिनेश जैन, न्यू वर्धमान, तेलीपारा।

इसके पश्चात पोस्टर प्रतियोगिता एवं भक्ति प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन किया गया।

जैन धर्म की परंपरानुसार सर्वप्रथम मंगलाचरण का पाठ श्रीमती सपना सोमेश जैन सरकण्डा वाले के परिवार द्वारा किया गया ।

उसके बाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई। पहला वर्ग 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए और दूसरा वर्ग 15 वर्ष से ऊपर वालों के लिए।

इस प्रतियोगिता के माध्य्म से छोटे-छोटे बच्चों ने अपने मन के विचारों को बड़े ही मनमोहक ढंग से कागज में उकेरा और इन कलाकृतियों के पीछे छिपी भावनाओं को बताया।

इस प्रतियोगिता में 18 लोगों ने हिस्सा लिया। दूसरी प्रतियोगिता बच्चों द्वारा ऑनलाइन भक्ति। इसमें बच्चों ने अपने घर से ही पारंपरिक वेशभूषा के साथ तल्लीनता पूर्वक प्रभु की संगीतमय भक्ति प्रस्तुत की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान 40 परिवारों ने संगीतमय भक्ति की और ऑनलाईन कार्यक्रम का मजा लिया।

पोस्टर प्रतियोगिता में जीविका, सर्वार्थ, वंश, आरवी, अतिकेत, दक्ष, श्रेयांशी, पर्यू, वंशिका, लोरी, गीत, मीहिका, ऊर्जा, अर्चा, मोना, आशु और मोना जैन ने अपनी-अपनी भावनाओं को ड्राइंग के माध्यम से पोस्टर में उकेरा।

इसी क्रम में जीविका, वंश, सर्वार्थ, अनाया, अन्वी, अनुष्का, अतिकेश, श्रेयांश, सौम्या, लोरी, गति, तरु, सिद्ध, अणिमा और काशवी जैन ने संगीतमय भक्ति प्रस्तुत की ।

समस्त कार्यक्रमों का आयोजन को सफल बनाने के लिए अनुभूति जैन, वर्षा जैन, अमित जैन, सुप्रीत जैन, दीपक जैन एवं संदीप जैन निरंतर प्रयासरत हैं।

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