ग्रहों का दुष्प्रभाव देता है मनुष्य को भयंकर बीमारी, जाने कैसे

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मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक ब्रम्हाण्ड से जुड़ा रहता है। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों का संबंध मनुष्य के जीवन के अंतिम समय तक बताया गया है। जन्म की तिथि व दिन के आधार पर ग्रह मनुष्य के भाग्य से जुड़ जाता है।

ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने बताया कि ग्रहों का संबंध मनुष्य के जन्म पत्रिका पर होता है। जन्म पत्रिका के आधार पर ही उसका भविष्य ज्योतिष बताते है। जन्म पत्रिका के अध्ययन से संभावित भविष्यफल बताया जाता है।

ग्रह मनुष्य को हमेशा ही प्रभावित करते है। कभी शुभ तो कभी अशुभ फल देते है। इतना ही नहीं कई भयंकर बीमारियों के पीछे भी ग्रहों का दुष्प्रभाव माना जाता है। इस लेख से हम इसके विषय में बताएंगे। साथ ही उपाय भी बताएंगे।

दिल, आंख व सिर के रोग देते है सूर्य ग्रह

सूर्य ग्रह को सभी ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से जातकों को दिल, आंख और सिर से सबंधित बीमारियां होने लगती है। कुंडली में सूर्य देव की मजबूती के लिए रोजाना सूर्योदय के समय सूर्य भगवान को जल अर्पित करना चाहिए।

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मानसिक बीमारी देता है चंद्र

चंद्र ग्रह का संबंध जल और मन से होता है। ऐसे में यदि कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर होता है तो व्यक्ति को फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों जैसे खांसी-जुकाम और मानसिक बीमारी होने लगती है। कुंडली में चंद्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए सोमवार के दिन शिवजी की उपासना करनी चाहिए।

खून की बीमारी से जुड़ा होता है मंगल

मंगल ग्रह का संबंध रक्त से है। इसलिए जब भी खून से जुड़ी कोई भी बीमारी हो तो समझ जाए कि मंगल ग्रह का अशुभ प्रभाव है। मंगल को मजबूत बनाने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना करे और मंगलवार का व्रत करे।

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बुध त्वचा से जुड़ी बीमारियों देता है

बुध ग्रह का संबंध त्वचा से है। बुध ग्रह के कमजोर होने पर व्यक्ति को त्वचा से जुड़ी बीमारियां होने लगती है। बुध ग्रह की शुभता पाने के लिए उससे जुड़े दोष को दूर करने के लिए गाय को हरी घास खिलाना चाहिए। या फिर मूंग और गुड़ खिलाना चाहिए।

मोटापा बढ़ाता है गुरु

गुरु का संबंध मोटापे से है। कुंडली में गुरु के कमजोर होने से व्यक्ति को मोटापे और उदर से संबंधित रोग होने लगते है। बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना चाहिए।

शुक्र यौन संबंधी बीमारी से करता है प्रभावित

शुक्र ग्रह संपन्नता और वैभव का कारक ग्रह है। इसके अशुभ होने पर व्यक्ति को यौन संबंधी बीमारियों से सामना करना पड़ता है। शुक्र की मजबूती के लिए जातकों को शुक्रवार के दिन कन्याओं को सफेद रंग की मिठाई खिलानी चाहिए।

शारीरिक चोट से जुड़े होते है शनि

शनि के कमजोर होने से व्यक्ति को शारीरिक थकान, चोट आदि लगने का भय रहता है इससे बाल से जुड़ी बीमारी भी होती है। शनि को मजबूत बनाने के लिए जातकों को शनिवार के दिन शनि मंदिर में तेल चढ़ाना चाहिए।

मस्तिष्क की पीड़ा देता है राहु

कुंडली में राहु के अशुभ होने पर व्यक्ति को मस्तिष्क पीड़ा, बवासीर, पागलपन आदि बीमारियां होती है। यदि आप राहु से संबंधित व्यक्ति जैसे कुष्ठ रोगी, निर्धन व्यक्ति, सफाई कर्मचारी आदि को भोजन देकर प्रसन्न करते है तो आपको राहु की कृपा मिलेगी।

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पैरों में दर्द देता है केतु

केतु के कमजोर होने से व्यक्ति को हड्डियों से संबंधित बीमारियां, पैरों में दर्द, नसों की कमजोरी, पेशाब से जुड़ी बीमारी आदि होने लगती है। केतु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सबसे पहले आप अपने बड़े-बुजुर्गों की सेवा करना प्रारंभ कर दे। साथ ही कुत्ते को मीठी रोटी खिलाए।

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