ऑनलाइन कवि सम्मेलन, धार्मिक प्रश्नोत्तरी संपन्न

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बिलासपुर.पर्यूषण पर्व के नवमें दिन उत्तम आकिंचन्य के दिन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण के छोटे-छोटे बच्चों समेरा दोषी, सारा दोषी और खुशी दोषी ने मनमोहक प्रस्तुति दी।

कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न कोनों से अलग अलग विधाओं के प्रसिद्ध कवियों ने

ऑनलाइन जुड़कर अपनी रचनाओं से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस कार्यक्रम में तिजारा से डॉ. कमलेश जैन वसंत, देवास से कुलदीप रंगीला, उज्जैन राजेन्द्र ठाकुर, बेमेतरा से

दिव्या नेहा दुबे, बालाघाट से अभिषेक जैन, दिल्ली से मनोज जैन मनु, बुंदेलखंडी कवि प्रदीप कुमार निश्चय, बमोरी से अनेकांत जैन आदित्य,

बिलासपुर से डॉ. अरिहंत जैन, नीरज जैन और संदीप जैन ने कविता पाठ किया गया ।

कार्यक्रम का संचालन संदीप जैन ने किया। कार्यक्रम के दौरान तोरवा थाने के टी आई परिवेश तिवारी भी जुड़े।

कवियों में हास्य कवि एडवोकेट राजेन्द्र ठाकुर उज्जैन ने अपनी

हास्य कविता में कहा घर मालिक लॉक लगाए, तो चोर उसे चटकाए मोदी जो लॉक लगाए उसे कौन हटाए।

कवि कुलदीप ने अर्ज किया कि अपने कुनबे में इतना अभिमान न कर टिड्डी दल,

दो महीने पहले हम सब भी झुंड में घूमा करते थे। डॉ. कमलेश वसन्त ने कहा कि पुनः

खिलेंगे फूल खुशी के, राग मल्हार सुनेंगे।

सूनी चौखट पर आनंद के, वंदनवार तनेंगे, घुटने टेकेगा कोरोना,

ये सत है निश्चय है हिम्मत और आत्मशक्ति ही, सबसे बड़ी विजय है।

छत्तीसगढ़ की शान दिव्या दुबे ने जैन संतो के लिए चार पंक्तियां निवेदित करते हुए कहा।

ये चलते. फिरते तीरथ हैं, जन-जन के उपकारी हैं,

जैन. संतरी तपचर्या पर पूरी दुनिया वारी है, जीव, दया, करुणा, समता के जो सच्चे उपदेशक हैं,

तीन लोक के धन- दौलत पर पिच्छी कमंडल भारी है। कवि प्रदीप जैन ने हास्यात्मक

कविता मुंबई की मॉडल की प्रस्तुति से सबको गुदगुदाया।

डॉ. अरिहंत ने बड़े ही सरल भाषा में जैन समाज के दस धर्मों की व्याख्या की कोरोना काल

के दौरान हुए फायदे को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया।

दिल्ली के मदन जैन मनु ने अपनी कविता आचार्य गुरुदेव विद्यासागर को समर्पित की,

संदीप जैन ने माँ को समर्पित एक कविता सुनाई।

अनेकांत जैन बम्होरी अभिषेक जैन बालाघाट तथा नीरज जैन ने भी अपनी कविता से

वाहवाही लूटी । जैन सभा के अध्यक्ष वीर कुमार जैन ने कोरोना काल के समय के

अनुभव को बहुत ही सुंदर शब्दों में पिरोकर पेश किया। आयोजन समिति के अमित जैन

ने माँ के प्रति अपनी भावनाओं को एक रचना का रूप देकर प्रस्तुत किया।

कवि सम्मेलन कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बिलासपुर जैन सभा के उपाध्यक्ष

श्रीकांत जैन, पूर्व अध्यक्ष भूपेन्द्र चंदेरिया, शासकीय इंजीनियरिंग कालेज के प्राध्यापक

डॉ. संजय सिंघई, वरिष्ठ सदस्य सुकुमार जैन ऑनलाइन मौजूद थे। ऑनलाइन प्लेटफार्म में सभी को जोड़ने के लिए सभी

आमंत्रित कवियों ने आयोजन समिति के सदस्यों

अनुभूति जैन, वर्षा जैन, अमित जैन, सुप्रीत जैन, दीपक जैन और संदीप जैन को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया।

बिलासपुर जैन सभा के अध्यक्ष वीर कुमार जैन सह सचिव अमित जैन ने भी अपनी-अपनी एक रचना प्रस्तुत की।

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