21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन गुरु, शुक्र, सूर्य और बुध की बदलेगी चाल

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हिंदू कैलेंडर के मुताबिक जून का चौथा हफ्ता बहुत ही महत्वपूर्ण रहेगा। ये खगोलीय और ज्योतिषीय नजरिये से भी खास है। इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में एक खगोलीय और तीन बड़ी ज्योतिषीय घटनाएं होने वाली हैं। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी के मुताबिक 20 से 24 जून के बीच चार ग्रहों की चाल में बदलाव होगा। इसके अलावा खगोलीय विज्ञान के अनुसार 21 जून, साल का सबसे बड़ा दिन रहेगा। इस दिन सूर्य कर्क रेखा पर आ जाएगा। जिससे कर्क रेखा के नजदीकी जगहों पर दोपहर में कुछ देर के लिए परछाई नहीं दिखेगी।

20 जून को बृहस्पति वक्री

इस दिन बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि में वक्री हो जाएगा। यानी टेढ़ी चाल से चलने लगेगा। ज्योतिषीयों का कहना है कि वक्री गुरु ग्रह के कारण देश-दुनिया में राजनैतिक उथल-पुथल होगी और बड़े बदलाव भी दिखेंगे। इस ग्रह की वजह से प्राकृतिक आपदाएं आने की आशंका भी है। टेढ़ी चाल से चलते हुए बृहस्पति 14 सितंबर को एक राशि पीछे यानी मकर में चला जाएगा और फिर से शनि-गुरु एक राशि में आ जाएंगे। जिससे बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। इसके बाद 18 अक्टूबर को बृहस्पति सीधी चाल से चलने लगेगा और 21 नवंबर को फिर से कुंभ राशि में आ जाएगा। तब संक्रमण में कमी आने लगेगी।

21 जून, साल का सबसे बड़ा दिन 

सोमवार, 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत यानी सीधा रहेगा। जिससे ये उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन रहेगा और रात सबसे छोटी होगी। इस दिन कर्क रेखा के नजदीकी जगहों पर दोपहर में कुछ देर के लिए परछाई गायब हो जाएगी। इस खगोलीय घटना को ग्रीष्म कालीन संक्रांति (Summer Solstice) या जून संक्रांति कहा जाता है। इस दिन उत्तरी गोलार्द्ध के देशों यूके, यूएसए, कनाडा, रूस, भारत और चीन में गर्मी का समय होता है और ये साल का सबसे लंबा दिन होता है।

22 जून, शुक्र कर्क राशि में 

इस दिन शुक्र राशि बदलेगा। ये ग्रह मिथुन से निकलकर कर्क में आ जाएगा और मंगल के साथ रहेगा। शुक्र के राशि परिवर्तन से देश के आर्थिक हालातों में सुधार हो सकता है। हालांकि महंगाई बढ़ेंगी और इससे लोगों में असंतुष्टि रहेगी। इससे बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। शुक्र की चाल में बदलाव होने से लोगों में आपसी विवाद और तनाव की स्थित भी बनेंगी। इसी दिन सूर्य नक्षत्र बदलकर आर्द्रा में आ जाएगा। ज्योतिषी में इस दिन से ही बारिश के मौसम की शुरुआत मानी जाती है।

23 जून, बुध का मार्गी होना 

इस दिन बुध ग्रह वृष राशि में रहते हुए टेढ़ी चाल बदलकर सीधा चलने लगेगा। लेकिन अस्त ही रहेगा। बुध के चाल में हुए इस बदलाव के कारण देश में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने लगेगी। शेयर मार्केट में भी बड़े उतार-चढ़ाव आएंगे। कई लोगों के लिए लेन-देन और निवेश में अच्छा समय रहेगा। लोग खरीदारी ज्यादा करेंगे। बुध की चाल में हुए इस बदलाव से देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होने के योग बन रहे हैं।

24 जून, सूर्य और चंद्रमा 180 डिग्री पर 

खगोलीय विद्वानों के मुताबिक इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे के आमने-सामने यानी ठीक 180 डिग्री पर रहेंगे। हिंदू कैलेंडर में इस दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा पर्व रहेगा। जो कि ज्येष्ठ महीने का आखिरी दिन है। इसके अगले दिन आषाढ़ महीने की शुरुआत हो जाएगी। हिंदू पंचांग में इसे मन्वादि तिथि भी कहा जाता है। यानी इस दिन से वैवस्वत मन्वंतर की शुरुआत हुई थी। पुराणों के मुताबिक इस दिन किए गए दान का पुण्य कभी खत्म नहीं होता।

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