नाग पंचमी 25 को, कथा जिसे सुनकर मिलता है बड़ा लाभ, पढ़े यहां

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नाग पंचमी का पर्व 25 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है और उनकी कृपा पाने के लिए व्रत भी रखा जाता है। वहीं इस दिन व्रत या पूजन करने वाले लोगों को इस पूजन का पुण्य प्राप्त करने के लिए कथा अवश्य ही सुननी चाहिए। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन जो भी इस कथा को सुनता है उसे नाग देव की कृपा मिलती है। इस लेख के माध्यम से हम नाग पंचमी की प्रचलित कथा को बताएंगे।

यह है पौराणिक कथा

एक बार किसी गांव में एक किसान रहता था। किसान के एक बेटी और दो बेटे थे। किसान बहुत मेहनती था। अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए खुद ही हल चलाता था। एक दिन हल जोतते हुए किसान ने गलती से एक नागिन के अंडों को कुचल दिया और सभी अंडे नष्ट हो गए। नागिन खेत में नहीं थी। जब वह लौटी तो बहुत गुस्सा हुई और उसने बदला लेने की ठान ली। नागिन ने कुछ ही समय बाद किसान के बेटों को डस लिया। जिससे दोनों की मौत हो गई।
नगिन किसान की बेटी को भी डसना चाहती थी लेकिन वो घर पर नहीं थी अगले दिन नागिन फिर किसान के घर आई तो देखकर बहुत हैरान हुई क्योंकि किसान की बेटी ने नागिन के सामने एक कटोरी में दूध रख दिया और नागिन से माफी मांगने लगी। किसान की बेटी के इस रवैये से नागिन बहुत खुश हुई और नागिन ने दोनों भाईयों को जीवित कर दिया। यह घटना श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को हुई थी। यहीं कारण है कि इस दिन नागों की पूजा की जाती है।

एक कथा यह भी है प्रचलित

इस कथा के मुताबिक एक राजा की रानी गर्भवती थी उसने राजा से जंगल से फल लाने की इच्छा व्यक्त की। राजा वन में करैली तोड़ने लगा। तभी वहां नाग देवता आ गए और कहा कि तुमने मेरी आज्ञा के बिना करैली क्यों तोड़ी, राजा ने क्षमा मांगी लेकिन नाग देवता ने एक न सुनी। राजा ने नाग देवता से कहा कि मैंने रानी को वचन दिया है इसलिए वो करैली को घर ले जाना चाहते है। नागदेवता ने कहा ठीक है ले जाओ लेकिन इसके बदले में तुम्हें अपनी पहली संतान मुझे देनी पड़ेगी। राजा को कुछ समझ में नहीं आया कि वह क्या करे। राज ने वचन दे दिया और घर आ गया।
घर आकर राजा ने रानी को सारी बात बताई। रानी ने एक बेटे और एक बेटी को जन्म दिया। कुछ ही दिनों में नाग राजा के घर संताने लेने पहुंचा। राजा ने कहा कि पहली संतान लड़की हुई थी लड़की के मुंडन के बाद आना तभी दूंगा। राजा की बात मानकर नाग वहां से चला गया। नाग फिर आया राजा ने नाग को कहा कि शादी के बाद आना। लेकिन नाग ने सोचा की शादी के बाद तो पिता के अलावा उसके पति का भी अधिकार हो जाएगा। इसलिए नाग ने लड़की को उठा ले जाने की योजना बनाई।


एक दिन नाग राजा की बेटी को उठाकर ले गया और राजा को बता दिया। राजा ने जैसे ही बेटी को ले जाने की बात सुनी तो राजा की उसी समय मौत हो गई। राजा की मौत की खबर सुनकर रानी भी मर गई। अब घर में राजा का लड़का अकेला रह गया। राजा के बेटे को उसके रिश्तेदारों ने लूट लिया और भिखारी बना दिया। राजा का बेटा भीख मांगने लगा। एक दिन भीख मांबते हुए राजा का लड़का नाग के घर पहुंचा तो उसकी बहन ने उसेपहचान लिया और फिर दोनों भाई-बहन प्रेमपूर्वक रहने लगे तभी ये यह त्योहार मनाया जाता है।

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