दीपोत्सव में लक्ष्मी पूजा की विधि, जाने विस्तार से

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दीपोत्सव में मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। माना जाता है कि इस रात्रि को मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करने के लिए आती है। इस लिए यह पर्व खास होता है। धन-धान्य व वैभव सम्पत्ति प्रदान करने वाली मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस लेख के माध्यम से ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने पूजन विधि को विस्तार से बताया है।

लक्ष्मी पूजा की विधि

लक्ष्मी पूजन के लिए बहुत तैयारियों करनी पड़ती है। इसके लिए सबसे पहले अपने घर पर एक स्थान तय करे। जहां आप पूजन करना चाहते है। घर में जहां मंदिर हो उस जगह पर लक्ष्मी पूजा की जा सकती है। उस जगह को गंगाजल या सादे पानी से साफ करें ।

फिर लकड़ी के पाटे पर पीला या लाल वस्त्र बिछाएं इस पर चावल के आटे से बनी एक छोटी रंगोली बनाएं यहां सम्मानपूर्वक देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर को रखे।

इसके दायी या बायी ओर एक मुट्ठी अनाज रखे। इसके बाद कलश तैयार करे कलश को पानी एक सुपारी गेंदे का एक फूल, सिक्का और चावल भर कर रखे। कलश पर नारियल रखे। जिसके रेशे वाला हिस्सा ऊपर की ओर हो। इसी नारियल के चारों ओर आम के 5 पत्ते लगाए।

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अब पूजा की थाली तैयार करे। इसमें अक्षत रखे। हल्दी पाउडर से कमल का फूल बनाएं और उस पर लक्ष्मी जी की मूर्ति रखे। मूर्ति के आगे कुछ सिक्के रखे।

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार पूजा या हवन करते समय सबसे पहले प्रथम पूज्य गणेश को आमंत्रित किया जाता है। इसलिए कलश के दाहिनी ओर गणपति की एक मूर्ति रखे। याद रखे कि यह दक्षिण पश्चिम दिशा में हो।

भगवान के माथे पर हल्दी कुमकुम का तिलक लगाए। मान्यता है कि भगवान श्री गणेश मां लक्ष्मी के दत्तक पुत्र है इसलिए उनके आह्वान के बिना मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती है।

इसके बाद अपने व्यापार या पेशे से जुड़े बही-खातों या कलम आदि को यहां रखकर देवी-देवता का आशीर्वाद ले। इसके बाद दीपक जलाए। घी का दिया जलाकर पूजा की थाली में रखे। इस पर अक्षत कुमकुम और फूल छिड़के।

कलश पर तिलक लगाएं और उस पर कुछ फूल भी चढ़ाएं। अब देवी का आह्वान करे। इसके लिए लक्ष्मी मां के वैदिक मंत्रों का सही ढंग से जाप करे। आंखे बंद करके देवी की प्रार्थना करे। उन्हें फूल और चावल अर्पित करे। देवी को एक प्लेट में रखकर स्नान कराए।

उन पर पंचामृत चढ़ाए। मूर्ति को फिर जल से शुद्ध करके पोंछे। उनकोहल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएं। अक्षत चढ़ाकर, फूलों की ताजी माला पहनाए। देवी के सामने अगरबत्ती लगाए।

फिर देवी को मिठाईयों का भोग लगाए। उनके सामने नारियल, पान के पत्ते, पर सुपारी रखे।

मां देवी को दीवाली मिठाई, फल, धन या कोई कीमती आभूषण भेंट में चढ़ाए।

आखिर में घर के सभी लोग मिलकर देवी मां की आरती करे। उनसे धन-समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना करे। इसी तरह भगवान गणेश की भी प्रार्थना करे।

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