संतुलित आहार से लिवर रहेगा स्वस्थ-प्रभा किरण साहू

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नैश वीक” पर प्रदेश की प्रथम रजिस्टर्ड डायटीशियन व कैंसर न्यूट्रिशनिस्ट एवं नॅरीशहेल्थ डाइट क्लिनिक की संस्थापिका प्रभा किरण साहू ने लोगों को फैटी लिवर के बारे में जानकारी दी लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण अंग होता है जो की शरीर में 500 से भी अधिक कार्यों को निरन्तर संचालित करता रहता है जिसमें मुख्य रूप से शरीर में भोजन पचाने से लेकर,पित्त बनाने,संक्रमण से लड़ने,ब्लड शुगर कंट्रोल करने,विषैले पदार्थों को निकालने,फैट को कम करने,कार्बोहाइड्रेट को स्टोर करने तथा प्रोटीन बनाने तक का कार्य करता है। पहले केवल शराब पीने वाले व्यक्तियों में ही लिवर डैमेज होता था किन्तु आजकल अनियमित दिनचर्या व खानपान की बिगड़ती आदतों की वजह से भी लिवर की कार्यप्रणाली अत्यधिक प्रभावित हो रही है और कई तरह की लिवर संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो रही है ।
जिसमें आजकल नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर काफी संख्या में लोगों को प्रभावित कर रहा है।
भारत में लगभग 38% लोग नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर की समस्या से ग्रसित है।

नैश क्या है


नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर को नॉन एल्कोहॉलिक स्टिटोहिपेटाईटिस(NASH)भी कहते है। इसमें लिवर की कोशिकाओं में असामान्य रूप से फैट जमा होने लगता है जिससे लिवर में सूजन आ जाती है जिससे भविष्य में हृदय रोग,टाइप 2 डायबिटीज़ एवं अन्य मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसे हाई बी.पी.,मोटापा,डिसलिपिडेमिया,इन्सुलिन रजिस्टेंस,ग्लूकोज़ इनटॉलेरेंस आदि होने की संभावना बढ़ जाती है।

फैटी लिवर में कैसा हो आहार विहार-

हार्वर्ड टी एच चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा एक नए अध्ययन के अनुसार ग्रीन मेडिटरेनियन डाइट फैटी लिवर के रिस्क को 50% तक कम करता है। फैटी लिवर में कैलोरी उचित मात्रा में कॉम्पलेक्स कार्ब,प्रोटीन व हेल्दी फैट्स के द्वारा लेनी चाहिए साथ ही फाइबर सामान्य मात्रा में शामिल करना चाहिए ।

  • फाइबर युक्त भोज्य पदार्थों को आहार में प्रयोग करे जैसे पत्तेदार साग-भाजी,हरी सब्जियाँ,सम्पूर्ण अनाज – ज्वार,बाजरा,रागी,ओट्स,छिलके युक्त दालें व फलियाँ।
  • फलों का प्रयोग सुझावित मात्रा से अधिक न करें।
  • प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ जैसे अंडे की सफ़ेदी,मलाई रहित दूध,पनीर,ताज़ा,दही सभी प्रकार की दालें, डिफ़ैटेड सोयाबीन का आटा,सोया चंक्स
  • हेल्दी फैट(ओमेगा 3 व मुफ़ायुक्त फैट)जैसे – अनसाल्टेड नट्स,बादाम,अखरोट,चिया सीड,अलसी के बीज,कद्दू के बीज,जैतून का तेल
  • एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोज्य पदार्थ,पानी व तरल पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें।
  • डायटीशियन से उचित डाइटरी सलाह लेकर वजन नियंत्रित रखें।
  • शरीर को क्रियाशील बनाए व नियमित रूप से वाकिंग,कसरत,योग करें।

क्या न खाएँ


ट्रांस फैट व अधिक शर्करा युक्त भोज्य पदार्थ लिवर कोशिकाओं में सूजन को बढ़ाते है । अतःअधिक मात्रा में फ्रूट व फ्रूट जूस,पैक्ड जूस,कोल्डड्रिंक्स,सभी प्रकार की मिठाइयाँ,शक्कर,शहद,कैंडीज़,चॉकलेट,आइसक्रीम,आलू,चावल,ब्रेड,बिस्किट,अंडे का पीला भाग,मटन, अधिक नमकयुक्त भोज्य पदार्थ का प्रयोग न करें। किसी भी तरह के गंभीर रोग में आहार संबंधी उचित जानकारी के लिए योग्य डायटीशियन/रजिस्टर्ड डायटीशियन से ही संपर्क करें।

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