कुंभ मेला का पहला शाही स्नान होगा शिवरात्रि पर, जाने कुंभ स्नान का महत्व

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कुंभ का मेला आरंभ होने जा रहा है। हिन्दू धर्म में कुंभ स्नान का विशेष महत्व है। कुंभ मेले की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष कुंभ मेला हरिद्वार में लगने जा रहा है। कुंभ मेला इस वर्ष 11वें साल बाद पड़ रहा है।

12 साल में कुंभ मेले का आयोजन होता है, लेकिन साल 2022 में गुरु, कुंभ राशि में नहीं होंगे। इसलिए इस बार 11वें साल में कुंभ का आयोजन हो रहा है।

11 मार्च 2021 में शिवरात्रि के अवसर पर कुंभ मेला का पहला शाही स्नान आयोजित किया जाएगा। कुंभ मेला का तीसरा शाही स्नान 14 अप्रैल 2021 को मेष संक्रांति के अवसर पर होगा।

कुंभ मेले में कुंभ स्नान का महत्व

हिन्दू धर्म में कुंभ स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि कुंभ स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। वहीं मोक्ष भी प्राप्त होता है। कुंभ स्नान से पितृ भी शांत होते है और अपना आशीर्वाद प्रदान करते है।

कुंभ मेला 2021 की तिथि व मुहूर्त

पहला शाही स्नान-11 मार्च शिवरात्रि

दूसरा शाही स्नान-12 अप्रैल सोमवती अमावस्या

तीसरा मुख्य शाही स्नान-14 अप्रैल मेष संक्रांति

4था शाही स्नान-27 अप्रैल बैसाख पूर्णिमा

एक वर्ष पहले लग रहा है कुंभ मेला

कुंभ का आयोजन ज्योतिष गणना के आधार पर होता है। कुंभ के आयोजन में सूर्य और देव गुरु बृहस्पति की अहम भूमिका मानी जाती है। इन दोनों ही ग्रहों की गणना के आधार पर कुंभ का आयोजन तय होता है। कुंभ पर चार शाही स्नान और 6 दिन प्रमुख स्नान होंगे।

श्रद्धालुओं को करना होगा नियम पालन

कुंभ मेला में आने के लिए इस बार कुछ नियमों का पालन करना होगा। ऐसा कोरोना वायरस के खतरे के कारण किया जा रहा है। इस वर्ष जो भी बस और ट्रेन कुंभ मेला के लिए श्रद्धालुओं को लेकर आएंगी, उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

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