पौष पूर्णिमा की तारीख जाने, व्रत का महत्व भी

0

हिन्दू धर्म में पौष माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। पौष माह की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा के नाम से जानते है। शास्त्रों में पौष पूर्णिमा के दिन दान, स्नान और सूर्य देव को अघ्र्य देने का विशेष महत्व बताया गया है।

कहते है कि इस महीने में सूर्य देव की आराधना से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और सूर्य को अघ्र्य देने की परंपरा प्रचलित है। इस साल पूर्णिमा की तिथि 28 जनवरी 2021 को है।

पौष पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त

पूर्णिमा की तिथि आरंभ हो रही है 28 जनवरी 2021 गुरुवार को 1 बजकर 18 मिनट से पूर्णिमा की तिथि समाप्त 29 जनवरी 2021 शुक्रवार की रात 12 बजकर 47 मिनट तक

पौष पूर्णिमा व्रत का महत्व

पौष पूर्णिमा के दिन जो व्यक्ति स्नान, दान और तप का व्रत करता है। उसे पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौष पूर्णिमा के दिन सूर्यदेव की आराधना करने से दुख दूर होने की मान्यता है।

पूर्णिमा तिथि चंद्रमा को समर्पित की जाती है। इसलिए पौष मास की पूर्णिमा तिथि होने से इसका महत्व बढ़ जाता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनो की पूजा करनी चाहिए। सुबह सूर्योदय के समय सूर्य को अघ्र्य देना शुभ फलकारी माना जाता है। जबकि चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा की पूजा कर व्रत का पारण करना चाहिए।

पौष पूर्णिमा व्रत विधि

सबसे पहले स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प लेने के बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करे। विष्णु जी को भोग आदि लगाकर आरती करे। मंत्रोच्चारण करते हुए भगवान सूर्य को अघ्र्य दे। पूरे दिन श्रीहरि के नाम का ध्यान लगाएं। रात को चंद्रमा निकलने के बाद धूप-दीप से पूजा करे और चंद्राम को अघ्र्य दे।

कर्ज अथवा लेन-देन इन दिनों व तारीखों में भूल कर भी न ले, जाने कारण

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here