भगवान गणेश की पूजा बुधवार के दिन ही क्यों की जाती है, जाने यहां

0

सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य कहा जाता है। सभी देवी-देवताओं की पूजा के लिए एक निश्चत दिन भी तय किया गया है। जिसमें बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए तय है।

आखिर बुधवार का दिन ही इनकी पूजा के लिए क्यों तय किया गया है इस लेख के माध्यम से हम इसकी जानकारी देंगे।

गणेश जी की पूजा सबसे पहले की जाती है मान्यता है कि इनकी पूजा करने से सारे विघ्न टल जाते है। बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा का खास दिन है।

इस दिन विधि-विधान से जो भी भक्त पूजा करता है उसे भगवान गणेश की कृपा मिलती है। बुधवार के दिन ही यदि संकष्ठी या विनायक चतुर्थी हो तब इसका पुण्य दो गुना माना जाता है।

यह है पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती की कृपा से ही श्री गणेश की उत्पत्ति हुई थी। तब उस समय भगवान शिव के धाम कैलाश में बुध देव उपस्थित थे।

बुध देव की उपस्थिति के कारण ही श्री गणेश की आराधना के लिए वह प्रतिनिधि वार हुए। यानी बुधवार के दिन श्री गणेश की पूजा का विधान बन गया।

इस वजह से भगवान गणेश की पूजा बुधवार को करना श्रेष्ठ माना गया है। बुधवार की विशेषता बुधवार को सौम्यवार भी कहा जाता है।

बुधवार के दिन को श्री गणेश का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन कोई भी काम शुरू करना भी शुभ होता है।

जिनकी कुंडली में बुध कमजोर होता है उन्हें बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करने का उपाय बताया गया है।

ऐसे करे बुधवार को गणेश जी को प्रसन्न

भगवान गणेश की पूजा बुधवार के दिन खास तरह से करके प्रसन्न किया जाता है। भगवान गणेश को दुर्वा की 21 गाठें चढ़ाए।

गुड़ और गाय के घी का भी भोग भगवान को अर्पित करे बाद में उसे गाय को खिला दें। ऐसा करने से व्यक्ति का बुद्धि.विवेक बढ़ता है।

इसके अलावा भगवान को बूंदी के लड्डू व लाल सिंदुर अर्पित करें। वहीं मोदक अर्पित करने से घर के क्लेश दूर होते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here