जानिए गुरु पूर्णिमा क्यों मनाते है, ऐसे करे गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त

हमारे देश में गुरु और शिष्य का रिष्ता बड़ा ही पवित्र माना गया है। गुरु को देव तुल्य माना जाता है। गुरु को सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए ही गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। गुरु पूर्णिमा आषाढ माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। जो अपने गुरु के प्रति समर्पण और भक्ति भाव को दिखाती है। इस वर्ष 5 जुलाई रविवार को मनाई जाएगी। इस लेख के माध्यम से गुरु पूर्णिमा का महत्व एवं विषेश पूजन विधि को बताएंगे।


0 इसलिए मनाते है गुरु पूर्णिमा
पौराणिक कथा व शास्त्रों के मुताबिक अनेक ग्रंथों की रचना करने वाले वेद व्यास को सभी मानव जाति का गुरु माना गया है। बताया जाता है कि आज से लगभग 3 हजार ई पूर्व आषाढ माह की पूर्णिमा को महर्शि वेद व्यास का जन्म हुआ था। तब से ही उनके मान-सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आषाढ शुक्ल की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। भारत भर में इस दिन अधिकांश जगह लोग महर्षि वेद व्यास के चित्र का पूजन कर उनके द्वारा रचित ग्रंथों को पढ़ते है। गुरु पूर्णिमा को कई जगह भव्य महोत्सव के रूप में मनाते हुए ब्रम्हलीन गुरुओं की समाधि का पूजन-अर्चन भी करते है।


0 गुरु पूर्णिमा का महत्व
भारतीय संस्कृति में गुरुओं कसे ब्रम्हाण्ड के प्रमुख देवता ब्रम्हा, विश्णु और महेश के समान पूजनीय माना गया है। पुराणों में कहा गया है कि गुरु ब्रम्हा के समान है और मनुष्य योनि में किसी एक विषेश व्यक्ति को गुरु बनाना बेहत जरूरी है। क्योंकि गुरु अपने शिष्य का सर्जन करते हुए उन्हें सही राह दिखाता है। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन बहुत से लोग अपने ब्रम्हलीन गुरु या संतो के चरण एवं उनकी चरण पादुका की पूजा-अर्चना करते है। गुरु के प्रति समर्पण भाव गुरु पूर्णिमा के दिन देखा जा सकता है।


0आषाढ़ की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ की पूर्णिमा को चुनने के पीछे गहरा अर्थ है। अर्थ है कि गुरु तो पूर्णिमा के चंद्रमा की तरह है जो पूर्ण प्रकाशमान है और शिष्य आषाढ़ के बादलों की तरह। आषाढ़ में चंद्रमा बादलों से घिरा रहता है जैसे बादल रूपी शिष्यों से गुरु घिरे हो। शिष्य सब तरह के हो सकते है, जन्मों के अंधेरे को लेकर छाए है वे अंधेरे बादल की तरह ही है उसमें भी गुरु चांद की तरह चमक सके, उस अंधेरे से घिरे वातावरण में भी प्रकाश जगा सके तो ही गुरु पद की श्रेष्ठता है। इसलिए आषाढ़ की पूर्णिमा का महत्व है।

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