नवरात्रि में कलश स्थापना की विधि व पूजन सामग्री के विषय में जाने

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शारदीय नवरात्रि की शुरुआत शनिवार से हो रही है। शारदीय नवरात्रि में घरों में देवी मां की विधि-विधान से पूजा करने वाले बहुत से साधक होते है। जो नौ दिनों तक देवी मां की पूजा-अर्चना कर माता की आराधना में लीन होते है। इस लेख के माध्यम से हम कलश स्थापना व पूजा की विधि के विषय में विस्तार से बताएंगे।

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ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना कर माता की पूजा-अर्चना करना उत्तम होता है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते पूजन घरों में ही साधक करेंगे।

ऐसे में विधि-विधान से करेंगे तो मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलेगा। कलश स्थापना या घट स्थापना नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में सही समय और सही तरीके से करनी चाहिए।

कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री

जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र, साफ मिट्टी, मिट्टी का एक छोटा घड़ा, कलश को ढकने के लिए मिट्टी का एक ढक्कन, गंगा जल, सुपारी, 1 या 2 रुपए का सिक्का, आम की पत्तियां, अक्षत या कच्चा चावल, मौली धागा, जौ, इत्र, फूल और फूल माला, नारियल, लाल कपड़ा, लाल चुनरी, दूर्वा घास।

ऐसे करे कलश स्थापना

नवरात्रि में कलश स्थापना देवी-देवताओं के आह्वान से पूर्व की जाती है। कलश स्थापना करने से पूर्व आपको कलश को तैयार करना होगा।

जिसकी सम्पूर्ण विधि इस प्रकार है। सबसे पहले मिट्टी के बड़े पात्र में थोड़ी सी मिट्टी डाले। उसमें जवारे के बीज डाल दे।

अब इस पात्र में दोबारा थोड़ी मिट्टी डाले। फिर बीज डालकर थोड़ा सा जल डाले। ध्यान रहे इन बीजों को पात्र में इस तरह से लगाए कि उगने पर यह ऊपर की तरफ उगे। यानी बीजों को खड़ी अवस्था में लगाए।

ऊपर वाली लेयर में बीज अवश्य डाले। अब कलश और उस पात्र की गर्दन पर मौली बांध दे। साथ ही तिलक भी लगाए।

इसके बाद कलश में गंगा जल भर दे। इस जल में सुपारी, इत्र, दुर्वा घास, अक्षत और सिक्का भी डाल दे।

अब कलश के किनारों पर 5 आम के पत्ते या अशोक के पत्ते रखे और कलश को ढक्कन से ढक दे।

अब एक नारियल ले और उसे लाल कपड़े या लाल चुन्नी में लपेट ले। चुन्नी के साथ इसमें कुछ पैसे भी रखे। इसके बाद इस नारियल और चुनरी को रक्षा सूत्र से बांध दे।

तीनों चीजों को तैयार करने के बाद सबसे पहले जमीन को अच्छे से साफ करके उस पर मिट्टी का जौ वाला पात्र रखे।

उसके ऊपर मिट्टी का कलश रखे। फिर कलश को ढक्कन पर नारियल रखे। आपकी कलश स्थापना संपूर्ण हो चुकी है।

इसके बाद सभी देवी-देवताओं का आह्वान करके विधिवत नवरात्रि की पूजा करे। इस कलश को नौ दिनों तक मंदिर में ही रखे। बस ध्यान रखे की सुबह शाम आवश्यकतानुसार पानी डालते रहे।

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