कार्तिक माह हो गया है शुरू, स्वस्थ्य व धनवार बनना है तो करे ये उपाय

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कार्तिक मास आरंभ हो गया है। यह साल के 12 मासों में उत्तम महीना माना जाता है। इस महीने में की गई प्रार्थना और पूजन सीधे भगवान विष्णु तक पहुंचती है। इस महीने की सबसे अच्छी बात यह है कि इस माह में भगवान विष्णु धरती पर जल में निवास करते है।

इसलिए प्राचीन काल से परंपरा रही है कि लोग सूर्योदय से पूर्व ही नदी या तालाब में जाकर स्नान करते है और वहीं पर तिल के तेल या घी से दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करके दीप को दोने में रखकर जल में प्रवाहित करते है।

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यह सुंदर नजारा गांव में देखने को मिलता है। अपने आस-पास के नदी तालाब में स्नान नहीं कर पाते तो घर पर भी सूर्योदय से पूर्व स्नान करके पूजन करना उत्तम माना गया है।

अतुल धन लक्ष्मी के लिए कार्तिक व्रत का नियम

कार्तिक का महीना महापुण्यदायी महीना कहा गया है। इस महीने में जो व्यक्ति नियमित सूर्योदय पूर्व स्नान करता है वह दूध से स्नान करने का फल प्राप्त करता है और शरीर निरोग रहता है।

पुष्कर पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति कार्तिक मास में सुबह शाम भगवान विष्णु के समक्ष तिल के तेल से दीप जलाकर भगवान विष्णु का पूजन करता है

वह अतुल धन लक्ष्मी को पाता है। ऐसे लोग अपने पुण्य कर्मों से स्वर्ग में स्थान पाते है और अगले जन्म में धनवानों के घर में पैदा होते है।

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पद्मपुराण में है कार्तिक मास की महिमा

कार्तिक मास के महत्व का वर्णन करते हुए पद्म पुराण में बताया गया है कि देवी रूक्मिणी पूर्व जन्म में विधवा ब्राम्हणी थी। गंगा तट पर रहते हुए व कार्तिक मास का व्रत नियम पूर्वक करती थी।

एक बार इसी व्रत के दौरान इन्होंने ठंड से शरीर का त्याग कर दिया। मृत्यु के बाद इन्हें उत्तम लोक में स्थान प्राप्त हुआ और जब भगवान विष्णु ने कृष्ण रूप में अवतार लिया तब इन्हें भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी बनने का सौभाग्य मिला।