पर्यूषण पर्व पर जैन समाज ने भजन, नाट्य, पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम किये, उत्तम तप का जाना महत्व

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बिलासपुर. दिगंबर जैन पर्वाधिराज पर्यूषण एवं दसलक्षण धर्म के सातवें धर्म “उत्तम तप” और सुगंध दशमी के दिन बिलासपुर जैन सभा की सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के तत्वावधान में सरकंडा स्थित संत भवन में लौकांतिक देव समूह द्वारा लघु नाटिका गोमटेश्वर बाहुबली की आकर्षक एवं मनोहारी प्रस्तुति दी गई। इस नाटिका के माध्यम से गोमटेश्वर बाहुबली की प्रतिमा निर्माण और उससे संबंधित जानकारी को दर्शाया गया। सभी को जानकारी हो कि कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में विराजमान हमारे भारत की कीर्ति हमारे देश का गौरव भगवान गोमटेश्वर बाहुबली की प्रतिमा का निर्माण सेनापति चामुंडराय द्वारा उनकी माँ की इच्छा पूर्ति हेतु 989 ईसा में बनवाया गया फिर 1008 कलशों (जल, चन्दन, दूध आदि) से अभिषेक कराया गया, फिर भी भगवान की प्रतिमा के हृदय से नीचे के भाग में किसी भी द्रव्य से अभिषेक नहीं हो पा रहा था। फिर एक बुढ़िया ने छोटी से लुटिया से भगवान का अभिषेक किया और भगवान का नख से सिर तक पूर्ण महामस्तकाभिषेक हो जाता है। इस प्रतिमा को बनने में 12 वर्ष का समय लगा इसलिए हर 12 वर्षों में महामस्तकाभिषेक का आयोजन किया जाता है।


इस नाट्य प्रस्तुति के पश्चात इन्ही समूह द्वारा एक प्रचलित भजन रहे हम महावीर के ही बनकर, न श्वेताम्बर न दिगम्बर, हम जैन हैं एक सामूहिक मंत्रमुग्ध करने वाला नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। इस पूरी प्रस्तुति में लौकांतिक देव ग्रुप के विकास जैन, नितिन जैन, वरुण जैन, शुभम जैन, सुहाली जैन, श्रीमती क्षिप्रा जैन एवं अन्य सदस्यों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की आकर्षक प्रस्तुति से मुग्ध होकर कई दर्शकों ने इस समूह के लिए पुरस्कार की घोषणा की है।
उत्तम त्याग धर्म के बारे में जानकारी वीडियो के माध्य्म से सान्या जैन ने प्रस्तुत की। सांध्य कालीन कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों को उत्तम तप धर्म के बारे में जानकारी अनी जैन और श्रुति जैन द्वारा दी गई, फिर बच्चों को उस धर्म से संबंधित एक छोटा सा वीडियो दिखाया गया, फिर उसी वीडियो से संबंधित पांच सवाल ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थित बच्चों से पूछे गए। सही जवाब देने वाले पाँचों बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। तत्पश्चात रीना जैन द्वारा देशभक्ति पैरोडी पर आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। रीना की प्रस्तुति के बाद मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम गोमतेश्वर बाहुबली का मंचन किया गया । जिसकी शुरुआत लौकांतिक समूह द्वारा मंगलाचरण से की गई। इस नाटिका का मंच संचालन विकास जैन ने किया।


समस्त कार्यक्रमों का ऑनलाईन प्रसारण ज़ूम एप्प के माध्यम से किया जा रहा है। समस्त कार्यक्रम की तकनीक व्यवस्था और आयोजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति में अनुभूति जैन, ऋतु जैन, सुप्रीत जैन, दीपक जैन, अमन जैन एवं अमित जैन ने सराहनीय योगदान दिया । शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति की प्रस्तुति धर्म का मर्म। यह एक खुली धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता थी, इसमें 15 वर्ष से ऊपर सभी श्रावको ने हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता ऑनलाईन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में आयोजित की गई।

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