सिंधी समाज में तीजड़ी महापर्व 6 को, कोरोना मुक्ति व विश्वशांति हेतू महिलाएं करेंगी व्रत उपासना

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भारत पर्व- त्यौहारों का देश है । जिसमें हर धर्म से जुड़े लोगों के अपने खुद के सांस्कृतिक और पारंपरिक त्योहार है। जिसके अंतर्गत भादो कृष्ण पक्ष से प्रारम्भ हो जाते हैं सिंधी समाज के प्रमुख तीज-त्यौहार । समाज के पुरोहित पं अनूप शर्मा , पं विकास शर्मा व सेवादारी प्रेम प्रकाश मध्यानी ने जानकारी देते हुए , कहा की इस वर्ष 6 अगस्त , गुरुवार को तीजड़ी महापर्व मनाया जाएगा । कोरोना संक्रमण को देखते हुए समाज की महिलाएं लॉक डाउन का पालन करते हुए अपने घर पर ही व्रत.पूजा आदि सम्पन्न करेंगी । इस वर्ष समाज की बहनें यह व्रत अपने परिवार की खुशहाली व विश्व शांति की भावना से करेंगी । जिसमें प्राणघातक वैश्विक महामारी से लड़ रहे कोरोना योद्धाओं की रक्षा हेतू दीप जलाकर तीजड़ी माता से प्रार्थना की जाएगी।

पंडित अनूप शर्मा ने कहा तीजड़ी पूजन मुख्य रूप से प्रकृति का पूजन है। जसमें मिट्टी के पात्र में बीज बोकर, अंकुरित ज्वारों को जल , पुष्प आदि अर्पित कर पूजा की जाती है । अंकुरित बीज नव.सृजन का प्रतीक है । तीजड़ी पूजन सूखा ,बाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा व पर्यावरण में संतुलन की भावना से भी किया जाता है ।

पं विकास शर्मा व समाजसेवी प्रेम प्रकाश मध्यानी ने बताया की पर्व-त्यौहार तनाव को दूर करने का साधन है । वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी माताएं-बहने घर पर ही अपने परिवार के साथ मिलकर पूजा करें । पूजन उपरांत दिए जलाकर घर के मुख्य द्वार या बालकनी में रखें । समाज के पुरोहित पं विकास शर्मा द्वारा तीजड़ी कथा का प्रसारण विधिवत रूप से लाइव वीडियो के माध्यम से किया जाएगा ।

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