संस्कार भारती में कार्यकर्ताओं को पद नही दायित्व दिया जाता है . बांकेलाल गौड़

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बिलासपुर.साहित्य एवं कला के लिए समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती की छत्तीसगढ़ प्रांत की दो दिवसीय 19 वी साधारण सभा की ऑनलाइन बैठक राष्ट्रीय

उपाध्यक्ष बांके लाल गौड़ आगरा , क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री प्रमोद झा भोपाल, मध्य क्षेत्र प्रमुख श्रीपद जोशी उज्जैन एवं प्रांतीय अध्यक्ष अशोक चन्द्राकर रायपुर की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बिलासपुर इकाई मंत्री बालमुकुंद श्रीवास से मिली जानकारी अनुसार

ऑनलाइन बैठक में पूरे प्रांत के परिपूर्ण इकाई एवं सम्पर्कित इकाई से अपेक्षित सदस्यों, पदाधिकारियो एवं संयोजकों ने हिस्सा लिया। बैठक के प्रथम सत्र की शुरुआत परंपरा

अनुसार संस्कार भारती के ध्येय गीत से हुई, जिसका गायन प्रांतीय महामंत्री हेमंत माहुलीकर ने किया। तदुपरांत प्रांतीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु प्रांतीय सहमहामंत्री जागेश्वर मानसर उपस्थित हुए।

अपने प्रतिवेदन के माध्यम से उन्होंने पिछले सत्र में प्रांत में हुए विभिन्न वृत्त को सबके समक्ष रखा। अगले क्रम में प्रांतीय महामंत्री हेमन्त माहुलीकर ने भी अपनी बात रखी। प्रांतीय आई टी सेल प्रमुख रामेश्वर केवट ने कोरोना काल मे ऑनलाइन माध्यम से हुए

कार्यक्रमो की तकनीकी जानकारी दी। साथ ही आगामी समय मे संस्कार भारती के प्रांतीय इकाई के विभिन्न आयोजनों, सूचनाओं एवं जानकारियो को ट्विटर, इंस्टाग्राम एवं स्वतंत्र वेब साइट के माध्यम से लोगो तक सुगमतापूर्वक पहुचाने एवं उपलब्ध कराने की बात कही।

प्रांतीय साहित्य विद्या प्रमुख एवं बिलासपुर इकाई संयोजक विश्वनाथ कश्यप ने संगठनात्मक वक्तव्य में संगठन को आगे बढ़ाने, कार्यकर्ताओ को निःस्वार्थ भावना से कार्य करने संबंधी प्रेरक बातों का जिक्र किया प्रथम सत्र के अंतिम उद्बोधन के रूप में

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बांके लाल गौड़ आगरा ने संस्कार भारती छत्तीसगढ़ प्रांत की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता पूरी लगन, मेहनत और ईमानदारी से कार्य कर रहे जो काबिलेतारीफ है।

उन्होंने यह भी कहा कि संस्कार भारती में कार्यकर्ताओं को पद नही दायित्व दिया जाता हैए जिसका निर्वहन कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी से करते है। उन्होंने संस्कार भारती के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला एवं उपस्थित सभी अपेक्षित सदस्यो एवं

पदाधिकारियो का मनोबल बढ़ाया। अंत मे कुछ आवश्यक सुचनाओं के साथ प्रथम सत्र का विधिवत समापन हुआ। 27 सितंबर दिन रविवार द्वितीय दिवस में साधारण सभा के दूसरे सत्र की शुरुवात ध्येय गीत से हुई,

प्रस्तुतकर्ता बिलासपुर इकाई के मंत्री बालमुकुंद श्रीवास, तदुपरांत अलग अलग टोली के माध्यम से इकाइयो के अध्यक्ष, मंत्री, कोष प्रमुख एवं मातृशक्ति प्रमुखो की ऑनलाइन बैठक लेकर आवश्यक जानकारियो एवं सूचनाओं का आदान प्रदान किया गया।

15 मिनट के लघु अवकाश के पश्चात तृतीय सत्र प्रारंभ हुआ जिसमे सभी पदाधिकारी, सदस्य एवं संयोजक उपस्थित हुए इस सत्र की शुरुवात ध्येय गीत से हुई जिसे दुर्ग इकाई से शिला लाकुड़कर ने प्रस्तुत किया। इस सत्र में मंत्रीयो द्वारा अपने अपने इकाइयो के वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किये गए जिसमे रायपुर, बिलासपुर, कटघोरा, कोरबा पश्चिम,

दुर्ग भिलाई, राजनांदगांव, छुरी, अम्बिकापुर, रतनपुर, पाली, कांकेर के मंत्रीयो ने प्रतिवेदन का वाचन किया। भोजनावकाश के उपरांत 3-30 से सभी सदस्यो की उपस्थिति में चतुर्थ एवं अंतिम सत्र प्रारंभ हुआ जिसकी शुरुआत भी परंपरानुसार ध्येय गीत से हुआ, प्रस्तुतकर्ता थे

कोरबा पश्चिम से अरुण दास वैष्णव, इसके पश्चात प्रांतीय मातृ शक्ति प्रमुख सुश्री रजनी बाजपेयी ने विभिन्न इकाइयों के मातृ शक्ति प्रमुखों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया विभिन्न इकाइयो के अध्यक्षो का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने प्रांतीय संगठन मंत्री अनिल जोशी उपस्थित हुए।

प्रांतीय सहकोष प्रमुख रूपेश अग्रवाल ने विभिन्न इकाइयो के कोष का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सहमहामंत्री जागेश्वर मानसर ने सभी इकाइयों के मंत्रियों का प्रतिवेदन सबके सम्मुख रखा।

प्रतिवेदन प्रस्तुति के पश्चात क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रमोद झा भोपाल ने अपने प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से संगठन को मजबूत बनाने एवं विस्तार देने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर अपनी बात रखी।

क्षेत्र प्रमुख श्रीपद जोशी उज्जैन ने कार्यकर्ताओं सम्बोधित करते हुए कहा कि आज संस्कार भारती देश मे एक सशक्त संगठन के रूप में खड़ा हुआ है, जिसका श्रेय निश्चित रूप से कार्यकर्ताओ को जाता है,

जो पिछले कई वर्षों से संगठन के साथ जुड़कर इसके संरक्षण, संवर्धन एवं विस्तार देने कड़ी मेहनत कर रहे है। उन्होंने कार्यकर्ताओ को आत्मावलोकन एवं आत्मचिंतन करने कि बात भी कही।

अंतिम सत्र के अंतिम उद्बोधन के रूप में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यक्षेत्र प्रभारी बांके सिंह गौर जी आगरा ने अपने प्रेरक संबोधन में सभी सत्रो की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओ ने अपने कार्यो के माध्यम से एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है,

जो प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। उन्होंने कार्यकर्ताओ की कार्यपद्धति, सोच, समझ, समर्पण एवं संवेदना की भी तारीफ की। उन्होंने कार्यकर्ताओ से कहा कि किसी अच्छे कार्यो की आलोचना और उपेक्षा भी होती है,

किंतु इससे मनोबल कम करने की आवश्यकता नही हैए बल्कि और पूरे उत्साह से कार्य करने की आवश्यकता है। सभा के अंत मे अखिल भारतीय स्तर पर दिवंगत कला साधको एवं इकाई के सदस्यो एवं परिजनों को श्रद्धांजलि दी गई।

अंत मे वंदेमातरम गीत के साथ सभा का विधिवत समापन हुआ जिसे प्रस्तुत किया प्रांतीय महामंत्री हेमंत माहुलीकर ने। इस 19 वी ऑनलाइन साधारण सभा मे 14 परिपूर्ण इकाई के अध्यक्ष,

मंत्री, कोषप्रमुख एवं मातृ शक्तिप्रमुख के अलावा 17 सम्पर्कित इकाइयो के संयोजक विशेष रूप से उपस्थित थे। बिलासपुर इकाई से इस ऑनलाइन साधारण सभा मे शिरीष पागे, विश्वनाथ कश्यप, धनेश्वरी सोनी, भुनेश्वर चन्द्राकर, बालमुकुंद श्रीवास विशेष रूप से उपस्थित थे।

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