मकर संक्रांति में स्नान-दान के माध्यम से कर सकते है पुण्य अर्जित, जाने पूजा की विधि

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मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इसे हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस पर्व के दिन से सूर्य देव का उत्तरायण होता है अर्थात् सूर्य देव उत्तर की ओर बढ़ते है।

इस दिन तिल, गुड़ के लड्डू व खिचड़ी बनाकर खाने की परंपरा है। पूजा-अर्चना के दौरान भी अपने आराध्य देव को तिल, गुड़ व फल अर्पित कर भोग लगाया जाता है।

वहीं इस दिन स्नान दान का भी विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पुण्य काल के दौरान किए गए दान व पूजन का लाभ व्यक्ति को अवश्य ही मिलता है।

मकर संक्रंाति में बन रहा है उत्तम योग

मकर संक्रांति का पुण्य काल 8 घंटे का रहेगा। यह सुबह 8 बजकर 30 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 46 मिनट तक होगा। शास्त्रों के अनुसार इस दौरान स्नान दान से कई गुना फल प्राप्त होता है।

इस वर्ष त्यौहार पर चंद्रमा, शनि, बुध और गुरु ग्रह भी मकर राशि में होंगे। ऐसे में मकर संक्रांति को बेहद ही शुभ फलदायी होगा। मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व होता है।

इस दिन व्यक्ति को अपने सामथ्र्य के मुताबिक दान देना चाहिए। साथ ही पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। इस दिन खिचड़ी का दान देना विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही गुड़-तिल, रेवड़ी, गजक का प्रसाद भी बांटना चाहिए।

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