अपने अच्छे व्यवहार से नफरत को दूर किया जा सकता है -जैन मुनि पंथक

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बिलासपुर-जब किसी के व्यवहार के वजह से नफरत हो तब उसे एक बालक या बुजुर्ग के स्वरूप की दिमाग में सोच करें । अपने अच्छे व्यवहार से नफरत को दूर किया जा सकता है। गलत व्यवहार को बच्चे और बुजुर्ग समझ कर माफ करना चाहिए । उक्त बातों को समझाते हुए टिकरापारा स्थित जैन भवन में चातुर्मास व्याख्यान के दौरान परम पूज्य गुरुदेव पंथक ने कहीं ।


उन्होंने समझाया कि अपनी जिंदगी में हम बहुत से लोगों के संपर्क में आते हैं । जिसमें से कई के गलत व्यवहार पर परिणाम स्वरूप उनके प्रति अपनी हिन भावना पैदा हो जाती है, एक कर्म का बंधन का कारण बन जाती है, और ऐसा कर्म बंधन या ऐसा निरर्थक दुर्व्यवहार से बचना है तो ऐसे मानस व्यवहार उत्पन्न करना पड़ेगा, जिसके साथ अनुचित व्यवहार हुआ है । उसे अल्प समय के लिए छोटा बालक समझ ले कि जिस की हरकतों से हमें उनके लिए अभाव पैदा होता नहीं है । ऐसे ही यदि उन्हें एक बुजुर्ग व्यक्ति समझ लेना जो कि असक्त हो और उनकी हरकतों से भी हमें ऐसा फील नहीं होता है ।


इस प्रकार की मानसिक सोच रखने से सामने वाले व्यक्ति के लिए गलत प्रकार का अभिप्राय है वह दूर हो जाएगा । सद्भाव पैदा हो जाएगा । सामने वाले व्यक्ति के लिए भी हमारे प्रति दुर्व्यवहार खत्म हो जाएगा और एक-दूसरे से मेल मिलाप बढ़ेगा । परिणाम स्वरूप जीवन में शांति मिलेगी और नकारात्मक बहुत दूर होगा ।


सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गुरुदेव के दर्शन करने कुछ लोग भवन पहुंचे । गुरुदेव की नवकारसी एवं गोचरी का लाभ समाज के लोगों ने लिया । कोरोना की वजह से प्रवचन व्याख्यान एवं मुनिश्री से मिलने के लिए पूर्णता प्रतिबंधित किया गया है । इस अवसर पर समाज के आशा दोषी, दीपाली, बेबो, समीरा, हेतल तेजाणी, दक्ष, गोपाल वेलाणी, नरपत उपस्थित थे

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