वैशाख अमावस्या पर बन रहा सौभाग्य व शोभन योग, जाने इस योग का महत्व

Good luck and Shobhan Yoga being made on Vaishakh Amavasya, know the importance of this yoga
वैशाख अमावस्या पर बन रहा सौभाग्य व शोभन योग, जाने इस योग का महत्व

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा व अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। वैशाख अमावस्या का भी विशेष महत्व होता है। 11 मई को वैशाख अमावस्या की तिथि होगी। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख अमावस्या को धर्म-कर्म और पितरों के तपर्ण के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

इस दिन ज्योतिषीय उपायों से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या आती है। शास्त्रों में वैशाख अमावस्या को पितरों को मोक्ष दिलाने वाला कहा जाता है। इस दिन सौभाग्य व शोभन योग बन रहा है। इस लेख से महत्व को बताएंगे।

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सौभाग्य व शोभन योग का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में कई शुभ योगों का वर्णन किया गया है। जैसे अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, गुरु-पुष्य योग, पुष्कर योग, त्रिपुष्कर जैसे कई योग होते है। इसी तरह से सौभाग्य नाम का एक योग होता है। जिसमें विवाह करना शुभ माना गया है।

इसी तरह से शोभन योग शुभ कार्यों और यात्रा पर जाने के लिए उत्तम माना गया हे। कहा जाता हैै कि इस शुभ योग में की जाने वाली यात्रा मंगलमय एवं सुखद रहती है। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

क्या करे इस दिन, क्या न करे

वैशाख अमावस्या के दिन सुबह उठकर स्नान करना उचित माना गया है। इस दिन देर तक नहीं सोना चाहिए। अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा होती है। घर के पितरों का तर्पण करना चाहिए और शुद्ध-सात्विक भोजन बनाकर उन्हें भोग लगाना चाहिए।

कहते है ऐसा करने से पितर तृप्त होते है और आशीर्वाद देते है। अमावस्या के दिन अपनी सामथ्र्य के हिसाब से दान जरूर देना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन वाद-विवाद से बचना चाहिए। इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए। मांस-मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

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