अलौकिक शांति के लिए दूसरों को भी प्रशंसा व प्रसिद्धि प्राप्त करने का मौका दे-जैन मुनि पंथक

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बिलासपुर-टिकरापारा स्थित गुजराती जैन भवन में आॅन लाइन चतुर्मास प्रवचन का आयोजन किया गया है। जिसमें जैन मुनि पंथक अपने प्रवचन से लोगों को जीवन में शांति के मार्ग बता रहे है। रविवार को उन्होंने अपने प्रवचन के माध्यम से समझाया कि दूसरों को भी प्रशंसा व प्रसिद्धि प्राप्त करने दो। जीवन में कभी भी कोई समय अलौकिक प्रकार की शांति की अनुभूति होना वह भी एक जादुई चमत्कार है। ऐसी अलौकिक शांति तब मिल सकती है जब जो प्रशंसा हमें मिलने वाली हो और वह प्रशंसा किसी और को मिले। ऐसा प्रयत्न करें। तब ऐसी अलौकिक शांति की अनुभूति होती है।


मुनि ने कहा कि अपनी ओर से सबका ध्यान केन्द्रित कर आकर्षित हो ऐसी चेष्टा व हरकत करने के पीछे अपने अहंकार का पोषण होना मुख्य आशय होता है। हम लोगों से ज्यादा बढ़कर वह समझदार है हम ही बहुत कुछ है व तुम कुछ भी नहीं हो। ऐसा सिद्ध करने के लिए हम अलग-अलग प्रकार की चेष्टा व हरकत करते रहते है। जैसे कि मेरी कहानी आपकी कहानी से ज्यादा बेहतर है मेरा बोलने का ढंग आप से ज्यादा अच्छा है। मैं दूसरों से ज्यादा प्रतिभावान हूं। जो कोई काम दूसरा नहीं कर सकता है वह काम मैं आसानी से कर सकता हूं। मैं ही सभी कार्य सरलता से सम्पन्न कर सकता हूं ये सभी चेष्टाएं हमारे अहंकार का पोषण करते है।


ऐसी प्रकार की चेष्टा हम सभी के अंदर कम या ज्यादा होती है। ऐसी हरकतों की वजह से दूसरों का सकारात्मक उत्साह कम हो जाता है। जिससे सामने वाले व्यक्ति के मन में आपके प्रति कटु भाव उत्पन्न हो जाता है। लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की आदत को रोकना या कम करना बहुत कठिन है, लेकिन ऐसा बदलाव लाना लाभदायक हो सकता है। दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिए हमकों ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जैसे कि वह बहुत खूब, अति सुंदर व अग्रसर रहो शब्दों का प्रयोग करने से सामने वाला व्यक्ति प्रोत्साहित होता है। आपके प्रति उसके मन में सद्भाव का आदर उत्पन्न होता है। दूसरों के हक को छीनने के बदले हम उसके प्रति उदार बनेंगे तो आपको एक अनोखे प्रकार की शांति की अनुभूति होगी।

समाज को मिल रहा प्रतिक्रमण विधि सिखने का मौका

समाज के सदस्य गोपाल वेलाणी एवं राजू तेजाणी ने बताया कि गुरुदेव के आदेशानुसार जैन समाज के युवकों को सामायिक सिखाई जा रही है। रात्रि 7 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक जैन भवन टिकरापारा में नियमानुसार प्रतिक्रमण विधि सिखाई जाएगी। समाज के आॅनलाइन प्रसारण प्रभारी हेमा तेजाणी एवं आंचल जैन ने बताया कि गुरु देव पंथक मुनि के प्रवचन यू ट्यूब चैनल के साथ और भी सोशल मीडिया में प्रसारित किए जा रहे है। मुनि श्री का आॅन लाइन प्रवचन का लाभ सभी ले सकते है। इस अवसर पर अध्यक्ष भगवानदास सुतारिया, शुखचंद जैन, दृष्टि, मुनि के सेवक प्रकाश सहित समाज के कुछ लोग ही उपस्थित थे।

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