लाख दुखों की एक दवा है अदरक, जाने फायदे

0

अदरक को अक्सर लोग चाय में डालने से लेकर उसका पेस्ट बनाकर सब्जी को स्वादिष्ट बनाने के लिए इस्तेमाल करते है। अदरक सिर्फ इतने ही चीजों के लिए नहीं बल्कि एक एंटी बैक्टीरियल और एंटी आक्सीडेंट गुण वाला माना जाता है।

सर्दी-जुकाम में अदरक वाली चाय पीने से लाभ मिलता है। वहीं इस अदरक से कई तरह की बीमारियां दूर होती है। इस लेख के माध्यम से हम अदरक के फायदे बताएंगे।

अदरक एक गुणों से भरपूर मसाला है। सर्दी-खांसी, पाचन और सामान्य दर्द से लेकर कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियों से भी बचाता है।

अदरक का प्राचीन काल में प्रयोग ऐतिहासिक अभिलेखों से भी पहले से भारत और चीन में अदरक को एक मसाले व औषधि के रूप में उपजाया व इस्तेमाल किया जाता था। दोनों

देशों के शुरुआती चिकित्सा ग्रंथों में ताजे, सुखाए गए दोनों रूप में इस मसाले के औषधीय इस्तेमाल का विस्तार से वर्णन है।

भारत के आयुर्वेदिक ग्रंथों में अदरक को सबसे महत्वपूर्ण बूटियों में से एक माना गया है। यहां तक कि उसे अपने आप में औषधियों का पूरा खजाना बताया गया है। आयुर्वेदिक चिकित्सक इसको एक शक्तिशाली पाचक के रूप में लेने की सलाह देते है।

क्योंकि यह पाचक अग्नि को भड़काता है। भूख बढ़ाती है। इसके पोषक तत्व शरीर के सभी हिस्सों तक आसानी से पहुंच पाते है। आयुर्वेद में अदरक को जोड़ों के दर्द, मतली और गति के कारण होने वाली परेशानी के उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है।

इन बीमारियों में मिलता है लाभ

अदरक मधुमेह में लाभदायक तत्व

मधुमेह के मामले में अध्ययनों ने अदरक को इसके बचाव और उपचार दोनों में असरकारी माना है। आॅस्ट्रेलिया में सिडनी यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में अदरक को टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए असरदार पाया गया।

अदरक के तत्व इंसुलिन के प्रयोग के बिना ग्लूकोज को स्नायु कोशिकाओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया बढ़ा सकते है। इस तरह इससे उच्च रक्त शर्करा स्तर को काबू में करने में मदद मिलती है। अध्ययनों में पाया गया है कि अदरक मधुमेह से होने वाली जटिलताओं से बचाव करती है।

अदरक मधुमेह पीड़ित के लिवर, किडनी और केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र को सुरक्षित कर सकती है। साथ ही वह इस बीमारी के एक आम दुष्प्रभाव मोतियाबिंद का खतरा भी कम करती है।

हृदय के लिए लाभकारी

अदरक सालों से हृदय रोगों के उपचार में इस्तेमाल होती रही है। चीनी चिकित्सा में कहा जाता है कि अदरक के उपचारात्मक गुण हृदय को मजबूत बनाते है। हृदय रोगों से बचाव व उनके उपचार में अक्सर अदरक के तेल का प्रयोग किया जाता था।

आधुनिक अध्ययन दर्शाते है कि इस जड़ी-बूटी के तत्व कोलेस्ट्राल को कम करने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, रक्त प्रवाह में सुधार लाने और अवरूद्ध आर्टरियों तथा रक्त के थक्कों से बचाव करने का काम करते है।

लोकप्रिय पाचक भी है

हजारों सालों से प्राचीन सभ्यताओं द्वारा एक पाचक के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके वात को दूर करने वाले तत्व पेट की गैस को दूर करके पेट फूलने और उदर वायु की समस्या से बचाव करते है। साथ ही पेट

में मरोड़ को ठी करने वाले इसके तत्व मांसपेशियों को आराम पहुंचाते हुए अजीर्णता में राहत पहुंचाते है। भोजन से पहले नमक छिड़क कर अदरक के टुकड़े खाने से लार बढ़ता है। जो पाचन में मदद करता है।

पेट की समस्याओं को भी दूर करता है। भारी भोजन के बाद अदरक की चाय पीने से भी पेट फूलने और उदर वायु को कम करने में मदद मिलती है।

अगर आपको पेट की समस्याएं ज्यादा परेशान कर रही है तो आप फूड प्वायजनिंग के लक्षणों को दूर करने के लिए भी अदरक का सेवन कर सकते है।

जोड़ों के दर्द व आर्थराइटिस में देती है राहत

अदरक में जिंजरोल नामक एक बहुत असरदार पदार्थ होता है। जो जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द को कम करता है। एक अध्ययन के मुताबिक अदरक गंभीर और स्थायी इंफलाइमेटरी रोगों के लिए एक असरकारी उपचार है।

कई वैज्ञानिक अध्ययन में भी जोड़ों के दर्द में अदरक के असर की पुष्टि करते है। गठिया के शुरुआती चरणों में यह खास तौर पर असरकारी होता है। आॅस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित बहुत से मरीजों ने नियमित तौर पर अदरक के सेवन से दर्द कम होने और बेहतर गतिशीलता का अनुभव किया।

माइग्रेन व मासिक धर्म की पीड़ा कम करती है

अदरक माइग्रेन में राहद दे सकती है। साथ ही मासिक धर्म के दौरान होने वाली पीड़ा से महिलाओं को राहत भी देती है। श्वास व दमा में लाभकारी श्वास संबंधी समस्याओं के उपचार में अदरक के तत्वों के सकारात्मक नतीजे दिखे है।

शोध से पता चलता है कि दमा से पीड़ित मरीजों के उपचार में इसका प्रयोग आशाजनक रहा है। दमा एक स्थायी बीमारी है। जिसमें फेफड़ों की आॅक्सीजन वाहिकाओं के स्नायुओं में सूजन आ जाती है। वे विभिन्न पदार्थों के प्रति संवेदनशील हो जाते है। जिससे दौरे पड़ते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here