गरूड़ पुराण के इन बातों का रखेंगे ध्यान तो कभी नहीं होगी आपकी हार

0

गरूड़ पुराण के बारे में सभी जानते है। गरूड़ पुराण भगवान श्री हरि विष्णु ने अपने वाहन गरूड़ की जिज्ञासा को शांत करने के उद्देश्य से बनाई थी। इस पुराण में स्वर्ग, नरक, पाप, पुण्य के अलावा भी बहुत कुछ है।

उसमें ज्ञान, विज्ञान, नीति, नियम और धर्म की बातें है। गरूड़ पुराण में एक ओर जहां मौत का रहस्य है तो दूसरी ओर जीवन का रहस्य भी छिपा हुआ है। गरूड़ पुराण से हमें कई तरह की शिक्षाएं मिलती है।

गरूड़ पुराण में मृत्यु के पहले और बाद की स्थिति के बारे में बताया गया है। यह पुराण भगवान विष्णु की भक्ति और ज्ञान पर आधारित है। प्रत्येक व्यक्ति को यह पुराण पढ़ना चाहिए।

गरूड़ पुराण हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथों में से एक है। 18 पुराणों में से इसे एक माना जाता है। गरूड़ पुराण में हमारे जीवन को लेकर कई गूढ़ बातें बताई गई है। जिनके बारे में व्यक्ति को जरूर जानना चाहिए।

संयम और सतर्कता महत्वपूर्ण

जिंदगी है तो मित्र भी है और शत्रु भी। कहते है कि जिसका कोई शत्रु नहीं वह अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर रहा है। ऐसे में उसका कोई भी मित्र नहीं होता। इसका यह मतलब नहीं कि हम जानबूझकर लोगों को शत्रु बनाए।

यदि हम अपने तरीके से जी रहे है तो निश्चित ही शत्रु बनना स्वभाविक है। शत्रु में से कुछ सामान्य होते है और कुछ खतरनाक। यानी ऐसा शत्रु जो दिल पर ले लेता है। जिंदगी को हल्के-फुल्के में नहीं लेते है। अब ऐसे शत्रुओं से चतुराई से बचना होता है नही ंतो वह कब, कहां और कैसे आपको चोट दे दे इसका कोई भरोसा नही।

गरूड़ पुराण के नितिसार में कहा गया है कि शत्रुओं से निपटने के लिए सतर्कता और चतुरता का सहारा लेना चाहिए। शत्रु लगातार हमें नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते रहते है। ऐसे में यदि हम चतुरता नहीं दिखाएंगे तो नुकसान उठाएंगे। इसलिए जैसा शत्रु है उसके अनुसार नीति का उपयोग करके उसे काबू में रखा जाना चाहिए।

कपड़े हमेशा साफ व सुगंधित पहने

यदि आप अमरी, धनवान या सौभाग्यशाली बनना चाहते है तो जरूरी है कि आप साफ-सुथरे,सुंदर और सुगंधित कपड़े पहने। गरूड़ पुराण के अनुसार उन लोगों का सौभाग्य नष्ट हो जाता है जो गंदे वस्त्र पहनते है।

जिस घर में ऐसे लोग होते है जो गंदे वस़् पहनते है उस घर में कभी भी लक्ष्मी नहीं आती है। जिसके कारण उस घर से सौभाग्य भी चला जाता है और दरिद्रता का निवास हो जाता है। देखा गया है कि जो लोग धन और सभी सुख-सुविधाओं से सम्पन्न है

लेकिन फिर भी वह लोग गंदे कपड़े पहनते है उनका धन धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है। इसलिए हमें साफ एवं सुगंधित कपड़े पहनने चाहिए। जिससे हमारे ऊपर महालक्ष्मी की कृपा बनी रहे।

सदैव करते है ज्ञान का अभ्यास

कितना ही कठिन से कठिन सवाल हो, ज्ञान हो, विद्या हो या याद रखने की कोई बात हो वह अभ्यास से ही संरक्षित रखी जा सकती है। अभ्यास करते रहने से व्यक्ति उक्त ज्ञान में पारंगत तो होता ही है साथ ही वह उसे कभी नहीं भूलता है। इस लिए अभ्यास सदैव करना चाहिए।

अभ्यास नहीं करने से विद्या भी नष्ट हो जाती है। यदि ज्ञान या विद्या का समय-समय पर अभ्यास नहीं करेंगे तो उसे भूल सकते है।

निरोगी काया

संतुलित भोजन करने से ही निरोगी काया प्राप्त होती है। भोजन से ही व्यक्ति सेहत प्राप्त करता है और भोजन से ही वह रोगी हो जाता है भोजन ही हमारे शरीर का मुख्य स्त्रोत है। हमें हमेशा आधी से ज्यादा बीमारी इस वजह से होती हे कि हम असंतुलित खान-पान लेते है।

जिसके कारण हमार पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता है। इसलए हमें सदैव सुपाच्य भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। ऐसे भोजन से पूर्ण ऊर्जा शरीर को प्राप्त होती है। पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और इस वजह से हम रोगों से बचे रहते है।

एकादशी का व्रत

एकादशी व्रत को ग्रंथों और पुराणों में श्रेष्ठ बताया गया है गरूड़ पुराण में तो इसकी महिमा का खूब बखान किया गया है। जो व्यक्ति एकादशी का व्रत रखता है वह सभी कष्टों से बचा रहता है। उसे उस व्रत का निश्चित ही लाभ मिलता है।

एकादशी व्रत रखने के कुछ नियम होते है। इस व्रत को नियम अनुसार ही रखना चाहिए। इस दिन सिर्फ फलाहार ही लेना चाहिए। किसी भी प्रकार का व्यसन नहीं करना चाहिए। तभी यह व्रत फल देतेा हैं

तुलसी का समझना होगा महत्व

तुलसी का महत्व गरूड़ पुराण के अलावा कई अन्य पुराणों में भी बताया गया है। तुलसी को घर में रखने से सभी तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है। इसका प्रतिदिन सेवन करने से किसी भी प्रकार से व्यक्ति को कोई रोग हो नहीं सकता।

तुलसी को अपने घर में स्थान देने तथा जल देने से अवरूद्ध रास्ते खुल जाते है। इन्हें भगवान के प्रसाद में सेवन करने से सारे शारीरिक और मानसिक विकार दूर होते है। विष्णु जी की पूजा के बाद इनकी पूजा करने से बहुत पुण्य मिलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here