शारदीय नवरात्रि 17 से, घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां जगदंबे, जाने विस्तार से

1

इस बार पुरुषोत्तम मास के चलते शारदीय नवरात्रि एक माह बाद शुरू हो रही है। भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ा है। क्योंकि पितृ पक्ष के समाप्त होते ही अगले दिन से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाती है।

लेकिन इस बार पुरुषोत्तम मास के चलते यह अंतराल पड़ा है। इस बार 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी। इस लेख के माध्यम से हम शारदीय नवरात्रि के विषय में विस्तार से बताएंगे।

देवी मां दुर्गा का वाहन तो शेर होता है। लेकिन नवरात्रि में मां पृथ्वी पर दिनों के अनुसार आती है। मान्यता है कि देवी मां किस वाहन से आ रही है इसका विशेष महत्व होता है।

देवी भागवत पुराण के अनुसार मां दुर्गा का आगमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत देता है।

इस तरह होती है दिन के मुताबिक मां की सवारी

मान्यता है कि नवरात्र की शुरुआत सोमवार या रविवार को हो रही है तो इसका मतलब वह हाथी पर आएंगी। वहीं अगर शनिवार या फिर मंगलवार को कलश स्थापना हो रही है तो मां घोड़े पर सवार होकर आती है।

गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्र का आरंभ होता है तो माता डोली पर आती है। वहीं बुधवार के दिन मां नाव को अपनी सवारी बनाती है।

इस बार 17 अक्टूबर शनिवार से नवरात्रि शुरू हो रहा है तो देवी मां इस बार घोड़े पर आ रही है।

घोड़े पर आने क्या है अर्थ

घोड़ा युद्ध का प्रतीक माना जाता है। घोड़े पर माता का आगमन शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है। इससे सरकार को विरोध का समाना करना पड़ता है और सत्ता परिवर्तन का योग बनता है।

इसके साथ ही विजयादशमी 25 अक्टूबर रविवार के दिन है। रविवार के दिन विजयादशमी होने पर माता हाथी पर सवार होकर वापस कैलाश की ओर प्रस्थान करती है।

माता की विदाई हाथी पर होने से आने वाले वर्ष में खूब वर्षा होगी। इससे अन्न का उत्पादन अच्छा होता है।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here