स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. दयाराम कलवानी पंच तत्व में लीन, राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार

स्वतंत्रता संग्राम के जननायक छतीसगढ़ बिलासपुर के वरिष्ठ चिकित्सक, समाजसेवी डॉ.दयाराम कलवानी हमारे बीच नही रहे उनकी राजकीय सम्मान के साथ चकरभाठा मुक्तिधाम में अन्त्येष्ठी की गयी। शासन ने मातमी धुन बजाकर व शस्त्र झुका कर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

सिंधु अमरधाम चकरभटा के संत लाल दास एवं पूज्य सिंधी पंचायत चकरभाठा एवं रामावैली के तमाम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अपने नायक को श्रद्धांजलि दी। वे सही मायने में एक युग पुरूष थे। गोवा मुक्ति आंदोलन में उनके अदम्य साहस एवं शौर्य प्रदर्शन के लिये उन्हें 9 अगस्त 2014 एवं 8 अगस्त 2017 को भारत के महामहिम राष्ट्रपति एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संम्मानित किया गया।

आर्थिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियो बीच ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर पीड़ित मानवता की सेवा के लिये अपना कार्यक्षेत्र ग्रामीण अंचल चकरभाठा ही चुना। स्वतन्त्रता सेनानी के रूप में शहीद संग्राम सेनाननियो के परिवारों के अधिकारों के लिए उन्हीने हमेशा शासन, प्रशासन व सरकार से लड़ाई लड़ी।

इसी के चलते भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा उनके आल इंडिया फ्रीडम फाइटर्स फैमिली वेलफ़ेयर कमेटी का एमिनेंट मेंबर घोषित कर संम्मानित किया गया। पीड़ित मानवता की सेवा को संकल्पित सेनानी ने यही जज्बा अपने अगली पीढ़ियों को भी दिया है।

वर्तमान में उनके ज्येष्ठ पुत्र डॉ.रमेश कलवानी चकरभाठा स्थिति क्लीनिक में विगत 35 वर्षों से निरंतर स्वाएं दे रहे है। बेटे और बेटियों के अलावा उनके पोते और पोतियां भी चिक्तिसा क्षेत्र में सेवा भाव से देश के विभिन शहरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पेशे से चिकित्सक व आजीवन पीड़ित मानवता की सेवा में कार्यरत डॉ.दयाराम आज हमारे बीच नही है पर वे हमेशा हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।

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