पहले देश में और अब विदेश में करेंगे शहर का नाम रौशन, रोहिणी और हरिहर

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भगवान ने हर किसी को कुछ कम तो कुछ ज्यादा दिया हुआ है। बस लोगों को अपने हुनर को पहचान कर सही राह पर आगे बढ़ना चाहिए। ऐसा बहुत कम लोग ही कर पाते है। ऐसे ही है दिव्यांग रोहिणी और हरिहर दोनों ही खिलाड़ी (Player)है और अपने बेहतर खेल से शहर के लोगों तो दिल जीता ही है।

साथ ही देश के अलग-अलग क्षेत्र में अपने खेल से अलग पहचान बनाई है। अब ये विदेश में भी अपनी प्रतिभा से शहर का मान बढ़ाने वाले है। व्हीलचेयर फेंसिंग खिलाड़ी के तौर पर दोनों ही प्रतिभा के धनी है। अपने बुलंद हौसले और जज्बे से अपनी खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करते हुए लगातार आगे बढ़ रहे है।

इनके जज्बे को सलाम करना चाहिए क्योंकि ये लोग दिव्यांगता को भूलकर इस खेल के माध्यम से देश का नाम रौशन करना चाहते है। इस चाह ने उन्हें थाइलैण्ड में एशियन वल्र्ड चैम्पियनशीप में हिस्सा लेने का मौका दिया है। आगामी मई माह में दोनों ही खिलाड़ी वहां पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

रोहिणी ने जीते है कई मेडल

रोहिणी साहू सरकण्डा क्षेत्र में रहती है और कई सालों से कोच दयाल साहू के मार्गदर्शन में व्हीलचेयर तलवारबाजी का प्रशिक्षण लेते हुए खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। रोहिणी ने में कई मेडल हासिल किए है। इसमें छत्तीसगढ़, हरियाणा, मणीपुर, चेन्नई में मेडल जीते है। 6 गोल्ड, 4 सिल्वर व 2 ब्राउंस मेडल हासिल की है। रोहिणी ने बताया कि वह प्रायवेट जाॅब कर अपना जीवन यापन करती है। वहीं खेल में रूचि रखते हुए लगातार अभ्यास भी करती है।

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हरिहर भी है आगे

हरिहर सिंह राजपूत कबीरधाम के है बिलासपुर में रहकर व्हीलचेयर फेंसिंग का अभ्यास करते है। साथ ही खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा को भी प्रदर्शित करते है। हरिहर ने भी देश के अलग-अलग जगहों पर व्हीलचेयर फेंसिंग के माध्यम से मेडल जीते है। इसमें भुवनेश्वर, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, हरियाणा, इम्फाल, मणीपुर, चेन्नई में मेडल जीते है। 1 गोल्ड, 3 सिल्वर व 11 ब्राउंस मेडल हासिल किया है।

कलाकार भी है हरिहर

हरिहर एक बेहतर खिलाड़ी तो है ही साथ ही साथ एक कलाकार भी है। जो चित्रकारी करते है। हरिहर की कलाकारी ऐसी है कि वह किसी भी व्यक्ति की हूबहू तस्वीर कुछ मिनटों में ही बना देते है। इसके अलावा कई तरह के पेंटिंग व स्केचिंग का कार्य भी करते है। हरिहर को चित्रकारी का शौक बचपन से ही था। जो समय के साथ निखरता ही गया। हरिहर ने बताया कि वह प्रायवेट जाॅब करते है और खेल का अभ्यास करते हैं।

ऐसे हुआ दोनों का चयन

रोहिणी साहू व हरिहर सिंह राजपूत ने बताया कि थाइलैण्ड में एशियन चैम्पियनशीप में 13वीं राष्ट्रीय व्हील चेयर फेंसिंग हरियाणा में हुए थे वहां प्रदर्शन किया और दोनों को थाइलैण्ड में खेल में हिस्सा लेने के लिए चयन किया गया।

किट का अभाव है

हरिहर व रोहिणी दोनों ने बताया कि उन्हें खेलने में बहुत मजा आता है। लगातार अभ्यास डीके साहू के मार्गदर्शन में करते है। लेकिन किट का अभाव होता है। एफआई कीट बहुत महंगा होता है जो वे खरीद नहीं सकते है। इस वजह से कीट के साथ अभ्यास नहीं हो पाता है। सरकार उन्हें कीट उपलब्ध करा दे तो वे और बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

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