सहजन यानी मुनगा की पत्ती, फूल और फल सभी है लाभकारी, जाने फायदे

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सहजन या मुनगा से बनने वाली चीजें पूरे देश में बनाई जाती है। साथ ही खाई भी जाती है। यह कई राज्यों में एक खास मौसम में ही फलता था लेकिन अब ये साल भर होता है। इसी कारण से इसका इस्तेमाल अधिक किया जाता है।

यह एक ऐसी सब्जी है जिसके फूल, पत्ती व फल सभी गुणकारी है। औषधि के तौर पर सहजन का लोग इस्तेमाल भी करते है। इस लेख के माध्यम से हम इसके लाभ को बताएंगे।

उदर रोगों में लाभकारी

इसके फूलों की भी सब्जी बनाई जाती है। लेकिन पत्ती व फल की सब्जी बहुत प्रचलित है। इसके फूल उदर रोगों व कफ रोगों में काफी लाभदायी होते है। वहीं इसी फली वात व उदरशूल में लाभकारी है। वहीं पत्ती नेत्ररोग, मोच, शियाटिका, गठिया आदि की परेशानियों में काफी फायदेमंद होता है।

300 से अधिक रोगों में लाभकारी

इसके अलग-अलग हिस्से 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण है। इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिंस, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते है।

कम देखरेख और कई फायदे

सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है। इसकी फली के अचार और चटनी कई बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक है। यह जिस जमीन पर लगया जाता है। उसके लिए भी लाभप्रद है। दक्षिण भारत में साल भर फली देने वाले पेड़ होते है। उत्तर भारत में यह एक बार ही फल देता है।

गर्भवती व बुजुर्गों के लिए खास

अक्सर गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व व प्रसव के बाद दोनों ही समय में इस सहजन की सब्जी, सूप खिलाई जाती है। कई बीमारियों जैसे रक्त अल्पता तथा आंख की बीमारियों से मुक्ति पास सकते है। इसका पूरा पेड़ ही चिकित्सा में काम आता है।

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