भविष्य की चिंता में वर्तमान को न करे खराब-जैन मुनि पंथक

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बिलासपुर-वर्तमान क्षणों में जीवन जीने की कला होनी चाहिए। मनुष्य के जीवन में कितनी शांति है यह मापने के लिए यह देखना चाहिए कि हम वर्तमान क्षणों में कैसा जीवन जी रहे है। इस बात को महत्व देते हुए वर्तमान को प्राथमिकता दे भविष्य की चिंता कर जीवन को खराब न करे। यह बातें सोमवार को जैन मुनि पंथक ने टिकरापारा स्थित जैन भवन में अॅान लाइन प्रवचन यू ट्यूब में देते हुए कही।
मुनि ने कहा कि बीते हुए दिन या बीते हुए वर्ष में जो कुछ भी हुआ हो वह वर्तमान में लागू नहीं होता है। आने वाले दिनों में या आने वाले वर्षों में जो भी होना है या होगा या निश्चित रहना नहीं है। अच्छा भी बन सकता है तो खराब भी हो सकता है। इसका कोई भरोसा नहीं होता हे। हमेशा के लिए हमारे पास वर्तमान के क्षण ही जीने के लिए रहते है। लेकिन मनुष्य भविष्य की चिंता में रहकर अपना वर्तमान क्षण गंवाने में बहुत माहिर हो गया है। व्यक्ति भूतकाल में हुए समस्याओं और भविष्य में होने वाली घटनाओं के बीच घिर गए है।


उसके गुलाम बन गए है और वर्तमान के समय को भूल रहे है। जिसके कारण हमें वर्तमान के समय में चिंता, हताशा जैसी समस्याएं होती है। जिसके कारण हमें सुख और संतोष देने वाली खास-खास प्रवृत्तियों को भी ध्यान नहीं रख पाते है। बार-बार यह सोचते रहते है कि एक दिन इससे भी अच्छा दिन जरूर आएगा। किंतु भविष्य में भी ऐसा दिन देखने को मिलता नहीं है। हम लोग अपने जीवन को कोसते रहते है कि जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है। दूसरी ओर हमारे बच्चे बड़े होने लगते है और जिन्हे हम चाहते थे।
वह हमसे दूर होते जाते है। हम इसे बिछड़ने लगते है और समय जाते-जाते हम भी बुढ़े होने लगते है और इसी तरह हम जीवन में बहुत कुछ खोने लगते है। आने वाले दिनों में हमारी जिंदगी रहेगी या नहीं इसकी भी कोई गारंटी नहीं है इसलिए जो कुछ भी हमारे पास है वह केवल यह वर्तमान क्षण ही है। इस अभी का क्षण पर ही हमारा पूरा नियंत्रण है और हम यहीं इस क्षण को ही अच्छे से जीएंगे

तो हम भविष्य के डर को भी हरा सकते है। यदि भविष्य के कार्यों को केन्द्र में रखकर जीवन जीएंगे जैसे कि भविष्य में मेरे पास पैसा होगा कि नहीं। अपने बच्चों को तकलीफ तो नहीं होगी, हमें जल्दी मरण तो नहीं आ जाएगी, हम जल्दी बुढ़े तो नहीं हो जाएंगे, हम बीमार तो नहीं हो जाएंगे वगैरा-वगैरा कई भय का मुकाबला करने के लिए वर्तमान के क्षणों पर संजोगों पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। अभी के संजोगों पर और अभी के क्षणों पर यदि ध्यान केन्द्रित करके जीवन जीने की प्रैक्टिस चालू करेंगे तो भविष्य में बहुत सारा डिविडेंड प्राप्त होगा। भविष्य सुंदर, सरल और शांति प्रिय होगा।

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