अपने मूड को महत्व न देते हुए अच्छा या खराब मूड को प्रेम से स्वीकार कर लो- जैन मुनि पंथक

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बिलासपुर- टिकरापारा स्थित जैन भवन में चातुर्मास के अवसर पर ऑनलाइन चल रहे प्रवचन में परम पूज्य गुरुदेव पंथक मुनि महाराज साहब ने व्याख्यान में कहा कि अपने दिमाग में पैदा होते किस्म किस्म के आवेग मूड से सावधान रहो तूक्ष लोग और तुक्ष वस्तुओं से मूर्ख नहीं बनो। याद रखो हमारा मूड बहुत ही छलिया हो सकता है । वह छल कपट भी करते रहता है । यह अपने आप को भी छल कपट करना, धोखेबाजी सिखाता है। इसी मूड को साथ ही वह अपना जिंदगी जीना चालू कर देता है ।


इस प्रकार की छल कपट के मान्यता के कारण हम अपनी वर्तमान जीवन को और भी खराब मानने लगते हैं। जब हम अच्छे मूड में रहते हैं, तो यही जिंदगी हमें हरी.भरी और खुशनुमा लगती है । अपने में वस्तु के लिए निरीक्षण शक्ति, उसे नापने की अंदाज करने की खूबी है । कॉमन सेंस भी है, चतुराई भी है इनके कारण से जब अच्छे मूड में रहते हैं तो कभी भी कमी महसूस नहीं होती है । कोई प्रॉब्लम होने पर भी हमें इतना भय नहीं रहता है, और उससे से आसानी से निपट सकें ऐसा महसूस होता है । यही अच्छे मूड के समय में एक दूसरे से संबंध और व्यवहार भी आसानी से चलता हुआ लगता है । हमारी निंदा भी होने पर उसे भी हल्के में ले लेते हैं ।

दूसरी ओर जब हम खराब मूड में होते हैं , तभी हमारी यही जिंदगी असहनीय और मुसीबत से भरी हुई है। कड़वी जरूर जैसी लगती है । ऐसी अवस्था में दिग्दर्शती से सोच नहीं सकते है, और शंकाशील बनकर हरेक घटना हम लोग अपने ऊपर ही ले लेते हैं । गैर समझ उत्पन्न होती है, और ऐसी प्रत्येक क्रिया में हमारे साथ षड्यंत्र रचा जा रहा है। ऐसा महसूस होता रहता है।

सारांश यह है कि जो व्यक्ति अपने मूड को समझ सकते नहीं है और मूड के वश में आकर जिंदगी जीता है । उसकी जिंदगी डगमगा जाती है । वह किसी भी क्षेत्र में स्थिर नहीं रह सकते । ऐसे लोग अपने भावी को प्रगतिशील बना नहीं सकते हैं, और हर पल अपने भूतकाल की ही तारीफ करता रहता है । हालात के लिए अपने मां बाप को ही कोसते रहते हैं । हालांकि संजोग तो संजोग, जो कि सामान्य स्थिति में ही रहते हुए भी जिनके साथ अपनी शादी हुई है, या कार्यस्थल में काम करने वाले अपनी कार्य पद्धति के लिए अपने बचपन के लिए, जो कार ड्राइविंग करते हैं, उसके लिए भी अपने अच्छे खराब मूड के प्रमाण से हम अपनी सोच बदलते रहते हैं । अपने मूड को ज्यादा मत दो और अच्छा या खराब मूड को प्रेम से स्वीकार कर लो और जिंदगी जीने का चालू रखो ।

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