संक्रमण काल में समय का सदुपयोग कर वेस्ट मटेरियल से बेस्ट चीजें बना रहे धनेश

Dhanesh is making the best of things from the West material by using the time properly during the transition period.
संक्रमण काल में समय का सदुपयोग कर वेस्ट मटेरियल से बेस्ट चीजें बना रहे धनेश

यदि आपमें कुछ नया करने का ललक हो तो निश्चित ही आप अनुप्रयोगी चीजों को भी प्रयोगी बना सकते है। इसी का उदाहरण नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर के धनेश रजक राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक एवं अनीता गणेश निर्मलकर द्वारा किया जा रहा है।

इनके द्वारा पुराने शादी कार्ड एवं पुराना पेपर से गुलदस्ता गमला, कप, पेन आदि उपयोग की वस्तुओं को बनाया जा रहा है। यह देखा जाता है कि लोग निमंत्रण के रूप में आये शादी कार्ड को कार्यक्रम समाप्ति के बाद ऐसे ही फेंक देते हैं या जला देते हैं उसको उपयोग में नहीं लाते, जबकि उसमें प्रयोग हुए कागज रंगीन और अच्छे होते है।

उन सब को देखते हुए धनेश रजक एवं अनिता गणेश निर्मलकर द्वारा इसको उपयोग में लाने के लिए एक अच्छी पहल सामने प्रस्तुत किया है। जिसमें मोबाइल रखने का डिब्बा, पेन रखने का डिब्बा या घर में सजावट के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है और साथ ही साथ इसको अपने व्यापार के रूप में भी प्रयोग में लाया जा सकता है।

साथ ही साथ इस संक्रमणकाल में समय का उचित प्रयोग भी ऐसे कार्य कर सकते है। नवाचार का यह प्रयोग निश्चित ही हमें अप्रायोगिक चीजों को प्रायोगिक बनाने के सार्थक कदम के रूप में देखा जा सकता है। ज्ञात हो तो धनेश रजक नेहरू युवा केन्द्र के राष्ट्रीय स्वयंसेवक है जो समाज में नए-नए प्रयोग अपने सामर्थ्यनुसार करते है।

साथ ही अनिता गणेश निर्मलकर गृहणी है जो अपने गृहकार्य से निर्वित्त होकर ऐसे कार्य मिलकर करते है। पूर्व में इन दोनों द्वारा कचरे में फेंके गए डिस्पोजल एवं प्रयोग हुई चाय की पत्ती का प्रयोग कर 200 से अधिक पौधों को तैयार किया गया था। नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा अधिकारी राहुल सैनी द्वारा इनके इस कार्य को सराहा गया। साथ ही क्षेत्र के सभी युवाओं से अपील की है ऐसे नवाचार उपक्रम युवा करके अपने समय का सदुप्रयोग करे।

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