शहर-ए-गजल गजल संग्रह का हुआ विमोचन

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शहर-ए-गज़ल, गज़ल संग्रह का विमोचन, जनाब खुर्शीद हयात, पण्डित गिरधर शर्मा, राज साहब कि गरिमा पूर्ण उपस्थिति मे सम्पन हुआ । महेश श्रीवास के संचालन मे पूरा कार्यक्रम हुआ ।

सभी अतिथियों को खुल कर बोलने का अवसर प्रदान किया गया। अजय पाठक ने राज साहब एवं उनके गज़ल संग्रह शहर-ए -गज़ल पर पर पूर्ण प्रकाश डाला। राजेंद्र मौर्य ने अभिवादन मे सभी अथितियो एवं श्रोताओ का हृदय से स्वागत करते हुए, गज़ल संग्रह कि

अनिवार्ता पर अपनी बात रखी। इस गज़ल संग्रह के परकासन मे सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार भी माना। होटल सेंट्रल पॉइंट के सभागार मे कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए

आयोजन को सफलता के साथ सम्पन्न किया गया । मुख्य अथति खुर्शीद हयात ने राज साहब को पुरे छत्तीगढ़ मे एक मात्र उर्दू का शायर होना बतलाते हुए, छत्तीसगढ़ मे उर्दू कि दयनीयता पर भी चर्चा की।

आचार्य गिरधर शर्मा ने अपने उद्बोधन मे राज साब के पुराने सम्बन्धो का जिक्र करते हुए उन्हें सच्चा शायर घोषित किया । नब्बे वर्षीय जनाब राज मलकपुरी ने बिलासपुर मे अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए, आज के विमोचन पर खुशी व्यक्त की।

आभार े मधु मौर्य ने किया । कार्यक्रम मे आनंद प्रकाश गुप्ता, राघवेन्द धर दीवान, एडवोकेट राजेश दुबे, एमडी मानिकपुरी, पूर्णिमा तिवारी, वरिष्ठ राज भाषा अधिकारी

विक्रम सिंह, सुधीर दत्ता, भास्कर मिश्रा, सतीश भोई, राजमलकपुरी के परिवार के सदस्य, सुरेंद्र, सुनील, महेश श्रीवास उपस्थित रहे

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