अक्षय तृतीया पर आदिनाथ भगवान के वर्षीतप पारणा को सामायिक कर मनाया

बिलासपुर अक्षय तृतीया के पावन दिन ही जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का 13 वर्ष का लगातार उपवास का वर्षीतप का पारणा इक्षु रस मतलब गन्ने का रस के सेवन से हुआ था । तब से जैन धर्म में वर्षीतप का 13 माह का तप किया जाता है ।

श्री दशा श्रीमाली स्थानकवासी जैन समाज के द्वारा इस वर्ष कोरोनाकाल होने के बावजूद भी धर्म आराधना कर इस दिवस को घर में ही रहकर मनाया । अक्षय तृतीया के अवसर को गुजराती जैन समाज द्वारा समाज के 109 सदस्यों ने मिलकर अपने अपने घरों में रहकर परिवार के साथ मिलकर 224 सामायिक जिसमें 48 मिनट तक साधना में बैठकर जाप, भक्ति, स्तवन करके किया गया ।

इस कार्य को सुचारू रूप से सार्थक बनाने के लिए समाज के किशोर देसाई परिवार ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । सामायिक के कार्यक्रम में जैन धर्म के सभी बड़े श्रावक -श्राविकाओं के साथ-साथ 28 बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया ।

इस कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष भगवानदास सुतारिया, जितेंद्र गांधी, हेमंत सेठ, रायपुर से देसाई परिवार, कीर्ति गांधी, योगेंद्र तेजाणी, संजय देसाई परिवारों ने सभी सामायिक करने वालों को प्रभावना दी ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राण महिला मंडल के अध्यक्षा लता देसाई, दीपिका गांधी, छाया देसाई एवं सभी सदस्यों का सहयोग रहा । समाज के हेमंत सेठ, शैलेष तेजाणी, गोपाल वेलाणी का भी सहयोग रहा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here